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Ambedkar Nagar News: मातृ-शिशु विंग में इलाज के लिए भटकीं महिलाएं

Wed, 19 Jul 2023 11:25 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:25 PM IST
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Women wandering for treatment in mother-child wing
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में महिलाओं के इलाज का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को यहां सिर्फ एक महिला चिकित्सक मौजूद थीं। कुल पांच महिला चिकित्सकों की तैनाती है। दो की इमरजेंसी में ड्यूटी थी जबकि दो मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं। नतीजा यह कि इलाज के लिए पहुंची महिलाओं व तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए स्थापित मातृ शिशु विंग में ही महिलाओं को निराशा हाथ लग रही है। यहां एक गेस्ट चिकित्सक सहित कुल पांच महिला चिकित्सकों की तैनाती है। इनमें से डॉ. स्नेहलता व डॉ. अर्चिता करीब एक माह से मातृत्व अवकाश पर हैं। इन दिनों डॉ. संगीता व डॉ. शालू ड्यूटी पर हैं। बुधवार को इन दोनों महिला चिकित्सकों को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए भेज दिया गया। इसके चलते मातृ शिशु विंग सिर्फ गेस्ट चिकित्सक के भरोसे रह गया।
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प्रतिदिन मातृ शिशु विंग पर 250 से अधिक ओपीडी होती है। बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों से आयी 155 महिलाओं का उपचार हुआ। बेवाना की गायत्री देवी व रामपुर सकरवारी की रेनू ने बताया कि वे करीब एक घंटे से अपना नंबर आने के इंतजार में बैठीं हैं। यदि एक से अधिक चिकित्सक होती तो मरीजों को इतना लंबा इंतजार न करना पड़ता।
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बसखारी की संयोगिता व कुर्की की राधिका ने भी बताया कि वे सुबह नौ बजे से यहां पहुंचीं हैं। उम्मीद थी कि जल्दी से दिखाकर वापस लौट जाएंगी लेकिन 11 बजे के बाद भी उनका नंबर ही नहीं आया। कई अन्य मरीजों ने भी इसी तरह का दर्द बयां किया। मरीजों ने मातृ-शिशु विंग की ओपीडी में प्रतिदिन कम से कम दो चिकित्सकों की उपस्थित दर्ज कराने की मांग की।



पर्ची काउंटर पर भी हुई मुश्किल
मातृ-शिशु विंग में पहुंचे मरीजों को पर्ची बनवाने में भी काफी मुश्किल हुई। कंप्यूटर ऑपरेटर न होने से मैनुअल पर्ची बनी। इसके चलते मरीजों को पर्ची बनवाने में काफी समय लगा। इससे उन्हें काफी देर तक लाइन में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ा। इसे लेकर भी महिलाओं ने नाराजगी प्रकट की। कहा कि यहां लोग बेहतर सुविधा व उपचार की उम्मीद में पहुंचते हैं लेकिन यहां अक्सर व्यवस्थाएं बेपटरी रहती हैं।





नहीं होने दी गई दिक्कत
मातृ-शिशु विंग में आई महिलाओं का सुचारु उपचार हुआ। दो महिला चिकित्सक मातृत्व अवकाश पर हैं। इससे ड्यूटी पर तैनात रहने वाली महिला चिकित्सकों को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है। बिना इलाज कोई भी मरीज वापस नहीं जा रहा। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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