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महिलाओं ने की छठ पूजा, पुत्र के दीर्घायु की कामना
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अंबेडकरनगर शहजादपुर स्थित फव्वारा तिराहे के निकट छठ पर्व के मौके पर पूजन अर्चन करतीं महिलाएं।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले में शनिवार को हल छठ पूजा पर्व उल्लास से मनाया गया। महिलाओं ने तालाब के किनारे विशेष पूजा-अर्चना कर पुत्रों की दीर्घायु की कामना की। जिन महिलाओं ने पर्व के मौके पर व्रत रखा था, उन्होंने सूर्यास्त से पूर्व तिन्नी का चावल, करेमुआ का साग, दही, दूध आदि का सेवन कर व्रत का पारण किया। इस दौरान संक्रमण को देखते हुए पूजन-अर्चन के बीच कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से पहले जिले में शनिवार को हल छठ पूजा पर्व उल्लास से मनाया गया। सुबह से ही महिलाएं नए वस्त्र धारण कर हाथों में पूजन-अर्चन की सामग्री लेकर निकटवर्ती तालाब पर पहुंचने लगीं। महिलाओं ने विधिविधान से छठ की पूजा की। साथ ही छठ पर्व की कथा भी सुनी। हलछठ पूजा के साथ ही महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना की। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर नगर के फव्वारा तिराहे के निकट हनुमान मंदिर के पास महिलाओं ने समूह के साथ पहुंचकर छठ पूजा कर पुत्र की दीर्घायु की कामना की। इसके अलावा तमसा नदी के किनारे गायत्री मंदिर के निकट भी महिलाओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। जिन महिलाओं ने व्रत रखा था, उन्होंने सूर्यास्त से पहले तन्नी का चावल, करेमुआ साग, दही, घी, दही, दूध का सेवन कर व्रत का पारण किया।
टांडा में भी जगह-जगह महिलाओं ने तालाबों के किनारे पहुंचकर छठ पूजा की। पंडित रामकृष्ण दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से पूर्व भाद्रपद कृष्ण पक्ष को हलधर बलराम के जन्म पर हल न चलाकर कृषक परिवारों में हल की पूजा करने की परंपरा है। इस बीच टांडा तहसील क्षेत्र में जगह-जगह हल की भी पूजा की गई। इसके अलावा बसखारी, केदारनगर, इल्तिफातगंज, आलापुर, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, कटेहरी, महरुआ, भीटी, जलालपुर समेत जिले में उत्साह के साथ छठ पर्व मना। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन किया गया। छठ पर्व पर महिलाओं को पूजा-अर्चना करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए थे।
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से पहले जिले में शनिवार को हल छठ पूजा पर्व उल्लास से मनाया गया। सुबह से ही महिलाएं नए वस्त्र धारण कर हाथों में पूजन-अर्चन की सामग्री लेकर निकटवर्ती तालाब पर पहुंचने लगीं। महिलाओं ने विधिविधान से छठ की पूजा की। साथ ही छठ पर्व की कथा भी सुनी। हलछठ पूजा के साथ ही महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना की। जिला मुख्यालय पर अकबरपुर नगर के फव्वारा तिराहे के निकट हनुमान मंदिर के पास महिलाओं ने समूह के साथ पहुंचकर छठ पूजा कर पुत्र की दीर्घायु की कामना की। इसके अलावा तमसा नदी के किनारे गायत्री मंदिर के निकट भी महिलाओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। जिन महिलाओं ने व्रत रखा था, उन्होंने सूर्यास्त से पहले तन्नी का चावल, करेमुआ साग, दही, घी, दही, दूध का सेवन कर व्रत का पारण किया।
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टांडा में भी जगह-जगह महिलाओं ने तालाबों के किनारे पहुंचकर छठ पूजा की। पंडित रामकृष्ण दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से पूर्व भाद्रपद कृष्ण पक्ष को हलधर बलराम के जन्म पर हल न चलाकर कृषक परिवारों में हल की पूजा करने की परंपरा है। इस बीच टांडा तहसील क्षेत्र में जगह-जगह हल की भी पूजा की गई। इसके अलावा बसखारी, केदारनगर, इल्तिफातगंज, आलापुर, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, कटेहरी, महरुआ, भीटी, जलालपुर समेत जिले में उत्साह के साथ छठ पर्व मना। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन किया गया। छठ पर्व पर महिलाओं को पूजा-अर्चना करने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए थे।
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