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आखिर कब पूरी होगी टांडा के विस्तारीकरण की उम्मीद
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टांडा (अंबेडकरनगर)। नगर पालिका परिषद टांडा का सीमा विस्तार नगर पालिका गठन के 106 वर्ष पूरे होने के बाद भी नहीं हो सका। इससे नगर पालिका की आय तो प्रभावित हो ही रही है, साथ में शासन द्वारा विकास निधि भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। नगर पालिका की मुख्य आय का साधन भवन मानचित्र रहा है, जो विकास शुल्क के रूप में जमा होता है। वह भी विनियमित क्षेत्र के गठन के बाद से बंद हो गया है। टांडा नगर पालिका का विस्तार किए जाने के लिए लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते शहरी होने को लेकर आसपास के गांव के ग्रामीणों की उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लग रहा है।
वर्ष 1916 में टांडा नगर पालिका परिषद का गठन अयोध्या जनपद मुख्यालय की नगर पालिका के साथ हुआ था। अयोध्या फैजाबाद नगर पालिका नगर निगम बन गया। वहीं टांडा नगर पालिका अभी भी अपने पुराने ढर्रे पर कायम है। वर्ष 1994 में टांडा में विनियमित क्षेत्र का गठन किया गया। इसमें टांडा नगर के आसपास की 32 ग्राम सभाओं को जोड़ा गया था। नगर पालिका परिषद टांडा से भवन मानचित्र स्वीकृत का कार्य विनियमित क्षेत्र में निहित कर दिया गया था। विनियमित क्षेत्र टांडा में शामिल की गईं ग्राम सभाओं को आज तक नगर पालिका परिषद टांडा में शामिल नहीं किया जा सका, जबकि सभी भवन मानचित्र का विकास शुल्क का धन विनियमित क्षेत्र टांडा में जमा होता है। यह राजस्व भी नगर पालिका को नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका परिषद टांडा की सीमा से सटी ग्राम सभा चिंतौरा, पुन्थर, धौरहरा, रसूलपुर हरिजन, प्यारेपुर मुबारकपुर, रसूलपुर, आशोपुर, अरखापुर आदि 32 ग्राम सभाओं को शामिल करने का एक बार नोटिफिकेशन भी हुआ था, लेकिन यह कवायद फिर ठंडे बस्ते में चली गई।
आगामी दिनों में होने वाले नगर पालिका के चुनाव को देखते हुए जनमानस के बीच टांडा नगर पालिका क्षेत्र के विस्तारीकरण की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि 106 वर्ष पुराने इस नगर को विस्तारित रूप देते हुए विकास के व्यापक कार्य कराए जाने की जरूरत है। उपेक्षा के चलते टांडा नगर पालिका का न सिर्फ सीमा विस्तार नहीं हो पा रहा है, बल्कि विकास की रफ्तार भी यहां धीमी है। ऐसे में यदि नगर पालिका का क्षेत्र बढ़ेगा तो आसपास के नागरिकों को शहरी होने का मौका मिलेगा और टांडा नगर विकास के पथ पर आगे बढ़ सकेगा। हयातगंज निवासी संतोष अग्रवाल, मीरापुर निवासी दिनेश मौर्य, मुबारकपुर निवासी इंद्रदेव पाठक, नेहरुनगर निवासी सोनू साहू, व्यापार मंडल जिला उपाध्यक्ष पिंटू जायसवाल व अनुज अग्रवाल आदि ने शासन से टांडा नगर पालिका के विस्तारीकरण की मांग की है।
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शासन के निर्देशों का होगा पालन
टांडा नगर पालिका के विस्तारीकरण को लेकर फिलहाल अभी कोई प्रक्रिया नही चल रही। शासन का आगे जो भी निर्देश होगा उसका पालन कराया जाएगा। नागरिकों को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।
डॉ. आरपी श्रीवास्तव, अधिशाषी अधिकारी टांडा
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वर्ष 1916 में टांडा नगर पालिका परिषद का गठन अयोध्या जनपद मुख्यालय की नगर पालिका के साथ हुआ था। अयोध्या फैजाबाद नगर पालिका नगर निगम बन गया। वहीं टांडा नगर पालिका अभी भी अपने पुराने ढर्रे पर कायम है। वर्ष 1994 में टांडा में विनियमित क्षेत्र का गठन किया गया। इसमें टांडा नगर के आसपास की 32 ग्राम सभाओं को जोड़ा गया था। नगर पालिका परिषद टांडा से भवन मानचित्र स्वीकृत का कार्य विनियमित क्षेत्र में निहित कर दिया गया था। विनियमित क्षेत्र टांडा में शामिल की गईं ग्राम सभाओं को आज तक नगर पालिका परिषद टांडा में शामिल नहीं किया जा सका, जबकि सभी भवन मानचित्र का विकास शुल्क का धन विनियमित क्षेत्र टांडा में जमा होता है। यह राजस्व भी नगर पालिका को नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका परिषद टांडा की सीमा से सटी ग्राम सभा चिंतौरा, पुन्थर, धौरहरा, रसूलपुर हरिजन, प्यारेपुर मुबारकपुर, रसूलपुर, आशोपुर, अरखापुर आदि 32 ग्राम सभाओं को शामिल करने का एक बार नोटिफिकेशन भी हुआ था, लेकिन यह कवायद फिर ठंडे बस्ते में चली गई।
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आगामी दिनों में होने वाले नगर पालिका के चुनाव को देखते हुए जनमानस के बीच टांडा नगर पालिका क्षेत्र के विस्तारीकरण की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि 106 वर्ष पुराने इस नगर को विस्तारित रूप देते हुए विकास के व्यापक कार्य कराए जाने की जरूरत है। उपेक्षा के चलते टांडा नगर पालिका का न सिर्फ सीमा विस्तार नहीं हो पा रहा है, बल्कि विकास की रफ्तार भी यहां धीमी है। ऐसे में यदि नगर पालिका का क्षेत्र बढ़ेगा तो आसपास के नागरिकों को शहरी होने का मौका मिलेगा और टांडा नगर विकास के पथ पर आगे बढ़ सकेगा। हयातगंज निवासी संतोष अग्रवाल, मीरापुर निवासी दिनेश मौर्य, मुबारकपुर निवासी इंद्रदेव पाठक, नेहरुनगर निवासी सोनू साहू, व्यापार मंडल जिला उपाध्यक्ष पिंटू जायसवाल व अनुज अग्रवाल आदि ने शासन से टांडा नगर पालिका के विस्तारीकरण की मांग की है।
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शासन के निर्देशों का होगा पालन
टांडा नगर पालिका के विस्तारीकरण को लेकर फिलहाल अभी कोई प्रक्रिया नही चल रही। शासन का आगे जो भी निर्देश होगा उसका पालन कराया जाएगा। नागरिकों को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।
डॉ. आरपी श्रीवास्तव, अधिशाषी अधिकारी टांडा