फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Wheat has not yet arrived at 40 purchasing centers

Ambedkar Nagar News: 40 क्रय केंद्रों पर अब तक नहीं आया गेहूं

Mon, 17 Apr 2023 11:16 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2023 11:16 PM IST
विज्ञापन
Wheat has not yet arrived at 40 purchasing centers
अंबेडकरनगर। 40 क्रय केंद्रों पर अब तक एक भी छटांक गेहूं की खरीदारी नहीं हो सकी है। चार एजेंसियों के 24 क्रय केंद्रों पर 54 किसानों द्वारा 170.35 एमटी गेहूं की बिक्री अब तक की जा सकी है। गेहूं खरीद शुरू हुए एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत गया लेकिन इसमें तेजी नहीं आ सकी है। इस बार जिले को 65 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है।
विज्ञापन

गेहूं खरीद गति नहीं पकड़ रही है। इसका मुख्य कारण क्रय केंद्रों पर किसानों की आवक कम होना माना जा रहा है। मालूम हो कि गेहूं खरीद के लिए पांच एजेंसियों के कुल 64 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 12, पीसीएफ के 45, यूपीएसएस के पांच, मंडी समिति के एक व भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र शामिल हैं। गत दिवस ही जिले को 65 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य मिला है।
विज्ञापन

एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई है। एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत गया लेकिन खरीद गति नहीं पकड़ सकी। खाद्य एवं विपणन विभाग कार्यालय के अनुसार अब तक 54 किसानों से 170.350 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। इसमें खाद्य विभाग के 10 क्रय केंद्रों पर 26 किसानों ने 81 एमटी, पीसीएफ के 13 क्रय केंद्रों पर 25 किसानों ने 78.85 एमटी, मंडी समिति के एक केंद्र पर दो किसानों ने 8.30 एमटी, भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र पर एक किसान ने 2.20 मिट्रिक टन गेहूं बेचा है। यूपीएसएस के पांच केंद्रों पर अब तक एक भी किसान उपज की बिक्री के लिए नहीं पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आढ़त पर मिल रहा ज्यादा दाम
अकबरपुर के कपिलदेव ने कहा कि बाजार में गेहूं का मूल्य सरकार के समर्थन मूल्य से अधिक है। ऐसे में क्रय केंद्र पर उपज बिक्री करने से अधिक लाभ आढ़तियों के हाथों बेचने में है। इसके चलते ही क्रय केंद्र पर न जाकर निजी दुकानों पर उपज की बिक्री की जा रही है। अच्छा दाम मिल जाता है और नकद मिलता है।

घर से ही बेच दे रहे उपज
फोटो 8 बरधाभिउरा निवासी निखिलेेश ने कहा कि क्रय केंद्र पर उपज की बिक्री करने से एक तो दाम कम मिलता है। उस पर से ढुलाई में अधिक खर्च आता है। आढ़ती घर पर ही आकर उपज की खरीदारी कर लेते हैं, नकद राशि भी देते हैं। इससे क्रय केंद्र तक बिक्री के लिए उपज ले जाने की मुश्किलों से भी राहत मिलती है।


नहीं पहुंच रहे किसान
क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं हैं। उपज की बिक्री करने के लिए क्रय केंद्रों पर किसान कम पहुंच रहे हैं। इसी के चलते खरीद गति नहीं पकड़ रही है। - राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed