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Ambedkar Nagar News: 997 सरकारी जमीनों पर वक्फ की दावेदारी
Thu, 03 Apr 2025 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 03 Apr 2025 10:50 PM IST
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय में क्यूआरटी टीम को आवश्यक दिशा निर्देश देते एएसपी पश्चिमी विशाल पांडेय
अंबेडकरनगर। वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा के बाद बृहस्पतिवार को राज्यसभा में प्रस्तुत हो गया है। तहसीलवार सरकारी संपत्तियों के सर्वे में 997 सरकारी जमीनों पर शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियाें के दावे हैं। इनमें ज्यादातर जमीनों पर ईदगाह, कब्रिस्तान, दरगाह, करबला बने हुए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने बताया कि जिले में वक्फ की संपत्तियों का करीब 219.93 हेक्टेयर का कुल क्षेत्रफल मिला है।
बिल के विरोध की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस महकमे ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसके लिए जिले को पांच जोन व 18 सेक्टर में विभाजित कर दिया है। दंगा नियंत्रण टीमों का ड्रिल कराते हुए अपरिहार्य स्थिति से निपटने के उपाय बताए गए। इसी के साथ शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से मुस्लिम धर्मगुरुओं से वार्ता कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। बिल प्रस्तुत होने के बाद शुक्रवार को पहला जुमा है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से हर तहसील को जोन बनाया गया है, जबकि हर थाना क्षेत्र को सेक्टर बनाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक साथ ड्यूटी लगाई गई है।
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इनसेट
तहसीलवार जमीनें व क्षेत्रफल
अकबरपुर- 264- 84.5
टांडा- 346- 58.23
जलालपुर- 223- 36.48
आलापुर- 115- 29.49
भीटी - 49- 12.06
(नोट: जमीन हेक्टेयर में)
हर जोन में ड्रोन से निगरानी
बृहस्पतिवार को एसपी कार्यालय परिसर में क्विक रिस्पांस टीमों की अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई व किसी घटना के समय की जाने वाली तैयारियों के बारे में जानकारी दी। हर जोन में सीओ की निगरानी में एक-एक ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कंट्रोल रूम से लिंक तमाम कैमरों से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। शाम को जिले भर पुलिस टीमों ने क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।
बॉक्स
आईबी, एलआईयू व सर्विलांस टीमें भी सक्रिय
आईबी के साथ एलआईयू की टीमें और उनके मुखबिर हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बैठकों की सूचना मिल रही है, वहां टीम के सदस्य हालात का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी निगहबानी बढ़ गई है।
वर्जन
हर गतिविधि पर है नजर
जिले भर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। क्विक रिस्पांस टीमों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। धर्मगुरुओं के साथ गणमान्य नागरिकों से वार्ता कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई है। इसमें लोग सहयोग कर रहे हैं।
- केशव कुमार, एसपी
बोले धर्मगुरु, वक्फ बिल मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला
बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य
फोटो- 31
वक्फ विधेयक मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार इस बिल के जरिए वक्फ की संपत्तियों को तबाह करने का प्रयास कर रही है। वक्फ संपत्तियां मुसलमानों की सामूहिक धरोहर हैं और उनके प्रबंधन में बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।
- सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया उलमा
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नाजायज और धार्मिक हस्तक्षेप
फोटो- 32
वक्फ इस्लाम का एक अहम हिस्सा है और उसकी देखरेख व संचालन की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। ऐसे में सरकार की ओर से ऐसा कानून लाना जिसमें गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ से जुड़े मामलों में शामिल किया जाएगा। यह नाजायज और धार्मिक हस्तक्षेप भी है।
सैयद मकसूद अशरफ, मुस्लिम स्कॉलर
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वर्जन
जनवरी में तमाम सरकारी संपत्तियों का सर्वे कराया गया था। तहसीलवार हुए इस सर्वे में 997 सरकारी जमीनें ऐसी सामने आईं, जो वक्फ के नियंत्रण में हैं। इनमें ज्यादातर जमीनों पर कब्रिस्तान, ईदगाह व दरगाह बनी हुई हैं। वक्फ संपत्तियों को लेकर कोई भी विवाद विचाराधीन नहीं है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी।
- डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम
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बिल के विरोध की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस महकमे ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसके लिए जिले को पांच जोन व 18 सेक्टर में विभाजित कर दिया है। दंगा नियंत्रण टीमों का ड्रिल कराते हुए अपरिहार्य स्थिति से निपटने के उपाय बताए गए। इसी के साथ शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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पुलिस प्रशासन की ओर से मुस्लिम धर्मगुरुओं से वार्ता कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। बिल प्रस्तुत होने के बाद शुक्रवार को पहला जुमा है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से हर तहसील को जोन बनाया गया है, जबकि हर थाना क्षेत्र को सेक्टर बनाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक साथ ड्यूटी लगाई गई है।
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तहसीलवार जमीनें व क्षेत्रफल
अकबरपुर- 264- 84.5
टांडा- 346- 58.23
जलालपुर- 223- 36.48
आलापुर- 115- 29.49
भीटी - 49- 12.06
(नोट: जमीन हेक्टेयर में)
हर जोन में ड्रोन से निगरानी
बृहस्पतिवार को एसपी कार्यालय परिसर में क्विक रिस्पांस टीमों की अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई व किसी घटना के समय की जाने वाली तैयारियों के बारे में जानकारी दी। हर जोन में सीओ की निगरानी में एक-एक ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कंट्रोल रूम से लिंक तमाम कैमरों से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। शाम को जिले भर पुलिस टीमों ने क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।
बॉक्स
आईबी, एलआईयू व सर्विलांस टीमें भी सक्रिय
आईबी के साथ एलआईयू की टीमें और उनके मुखबिर हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बैठकों की सूचना मिल रही है, वहां टीम के सदस्य हालात का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी निगहबानी बढ़ गई है।
वर्जन
हर गतिविधि पर है नजर
जिले भर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। क्विक रिस्पांस टीमों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। धर्मगुरुओं के साथ गणमान्य नागरिकों से वार्ता कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई है। इसमें लोग सहयोग कर रहे हैं।
- केशव कुमार, एसपी
बोले धर्मगुरु, वक्फ बिल मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला
बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य
फोटो- 31
वक्फ विधेयक मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार इस बिल के जरिए वक्फ की संपत्तियों को तबाह करने का प्रयास कर रही है। वक्फ संपत्तियां मुसलमानों की सामूहिक धरोहर हैं और उनके प्रबंधन में बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।
- सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया उलमा
नाजायज और धार्मिक हस्तक्षेप
फोटो- 32
वक्फ इस्लाम का एक अहम हिस्सा है और उसकी देखरेख व संचालन की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। ऐसे में सरकार की ओर से ऐसा कानून लाना जिसमें गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ से जुड़े मामलों में शामिल किया जाएगा। यह नाजायज और धार्मिक हस्तक्षेप भी है।
सैयद मकसूद अशरफ, मुस्लिम स्कॉलर
वर्जन
जनवरी में तमाम सरकारी संपत्तियों का सर्वे कराया गया था। तहसीलवार हुए इस सर्वे में 997 सरकारी जमीनें ऐसी सामने आईं, जो वक्फ के नियंत्रण में हैं। इनमें ज्यादातर जमीनों पर कब्रिस्तान, ईदगाह व दरगाह बनी हुई हैं। वक्फ संपत्तियों को लेकर कोई भी विवाद विचाराधीन नहीं है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी।
- डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम