{"_id":"5d52eb348ebc3e6cda5e8aaf","slug":"wall-ambedkar-nagar-news-lko4761541159","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज वर्कशॉप बाउण्ड्रीवाल ढहने का शासन ने लिया संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज वर्कशॉप बाउण्ड्रीवाल ढहने का शासन ने लिया संज्ञान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेकरनगर। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से टांडा में निर्माणाधीन रोडवेज वर्कशॉप की बाउंड्रीवाल ढहने का मामला शासन तक पहुंच गया है। अमर उजाला में इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद बीते दिनों तीन सदस्यीय टीम ने टांडा पहुंचकर वर्कशॉप का जायजा लिया। बताया जाता है कि जांच के दौरान टीम ने कई खामियां पाईं। बताया जा रहा है कि टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब भी निर्माण कार्य में मनमानी चल रही है।
टांडा नगर में साढ़े तीन करोड़ की लागत से रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण हो रहा है। इसमें शुरू से ही धांधली के आरोप लग रहे हैं। बीते दिनों करीब 25 मीटर लंबी व छह मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल भी ढह गई थी। निर्माण का जिम्मा पैक्सफेड के पास है। सूचना पर अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही मलबा हटाकर नया निर्माण शुरू करा दिया गया। इस खबर को बीते दिनों अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तो खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
बताया जाता है कि शासन से गठित तीन सदस्यीय तकनीकी टीम शुक्रवार को कार्यस्थल पर पहुंची। यह बात अलग है कि टीम के आने के पहले ही नई बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई। टीम को मौके पर कई खामियां मिलीं। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
लखनऊ से तकनीकी टीम जांच के लिए आई थी। बाउंड्रीवाल गिरने के कारणों पर पूछताछ की गई थी। टीम ने गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया है।
- वीरेंद्र कुमार चौरसिया, अधिशाषी अभियंता, पैक्सफेड
विज्ञापन
टांडा नगर में साढ़े तीन करोड़ की लागत से रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण हो रहा है। इसमें शुरू से ही धांधली के आरोप लग रहे हैं। बीते दिनों करीब 25 मीटर लंबी व छह मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल भी ढह गई थी। निर्माण का जिम्मा पैक्सफेड के पास है। सूचना पर अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही मलबा हटाकर नया निर्माण शुरू करा दिया गया। इस खबर को बीते दिनों अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी तो खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
विज्ञापन
बताया जाता है कि शासन से गठित तीन सदस्यीय तकनीकी टीम शुक्रवार को कार्यस्थल पर पहुंची। यह बात अलग है कि टीम के आने के पहले ही नई बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई। टीम को मौके पर कई खामियां मिलीं। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
लखनऊ से तकनीकी टीम जांच के लिए आई थी। बाउंड्रीवाल गिरने के कारणों पर पूछताछ की गई थी। टीम ने गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया है।
- वीरेंद्र कुमार चौरसिया, अधिशाषी अभियंता, पैक्सफेड