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Ambedkar Nagar News: टांडा से अकबरपुर तक फैला था उमेर की ठगी का जाल

Tue, 10 Feb 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 10 Feb 2026 12:19 AM IST
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Umer's network of fraud stretched from Tanda to Akbarpur.
अंबेडकरनगर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मेटलाइफ बीमा कंपनी के एजेंट उमेर अहमद द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी का यह खेल सिर्फ टांडा तक सीमित नहीं था, बल्कि एनटीपीसी और अकबरपुर शाखाओं के ग्राहक भी इसका शिकार हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक आरोपी एजेंट उमेर अहमद टांडा की छज्जापुर शाखा के साथ-साथ एनटीपीसी और अकबरपुर की बैंक शाखाओं में भी सक्रिय था। उसने निवेश के नाम पर कई भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके साथ लाखों की जालसाजी की है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पहले बनाया था मोहरा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एजेंट उमेर अहमद ने सबसे पहले बैंक के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को अपने जाल में फंसाया। इसी कर्मचारी के जरिए उसने बैंक मैनेजर और लेखाकार को महंगे तोहफे देकर उनसे नजदीकियां बढ़ाईं और फिर उन्हें भी इस साजिश में शामिल कर लिया।
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बैंक अधिकारियों के साथ इसी मिलीभगत के कारण एजेंट बड़ी संख्या में ग्रामीणों को फर्जी बीमा पॉलिसियां बेचने में कामयाब रहा और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। ठगी का दायरा इतना बड़ा है कि हाल ही में अकबरपुर कोतवाली में शिवबाबा निवासी एक ग्रामीण तीन लाख रुपये की फर्जी पॉलिसी की शिकायत लेकर पहुंचा था, जिसे जांच के लिए टांडा भेज दिया गया। टांडा कोतवाली में अब तक 25 ग्रामीण अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं और पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई तेज
जांच में सामने आया है कि एजेंट उमेर अहमद ने ठगी की रकम से अंबेडकरनगर, कानपुर और लखनऊ में बेनामी संपत्तियां खड़ी की हैं। यह काली कमाई उसने अलीगंज के ककराही गांव के उन किसानों से लूटी थी, जिन्हें एनटीपीसी अधिग्रहण के बदले मुआवजे की भारी रकम मिली थी। पुलिस अब इन संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है। उमेर अहमद की टांडा स्थित पीली कोठी, चिंतौरा चौराहे का मकान, कुल्हड़ फैक्ट्री और अन्य संपत्तियों को चिह्नित कर लिया गया है। कार्रवाई को तेज करते हुए पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी और उसके करीबियों के 24 बैंक खातों को सील कर दिया है।

यह है मामला
पीएनबी मेटलाइफ एजेंट उमेर अहमद ने एनटीपीसी अधिग्रहण का मुआवजा पाने वाले पचास से अधिक ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया। उसने बीमा करने के नाम पर ककराही गांव के सूर्यलाल से नौ लाख, रूपवती देवी से दस लाख, अरविंद कुमार से छह लाख, किस्मती से चार लाख पचास हजार रुपये, घनश्याम से चार लाख 22 हजार रुपये, सुनीता देवी व सुमित्रा से चार-चार लाख, संगीता देवी से तीन लाख पचास हजार रुपये, संगीता वर्मा से एक लाख 60 हजार रुपये और राजकुमार से एक लाख रुपये की ठगी की। इस खेल में पुलिस ने एजेंट के साथी शरद मौर्य को भी गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि शरद बेहद शातिर था। वह असली बीमा पॉलिसियों को कंप्यूटर पर एडिट कर फर्जी पॉलिसी तैयार करता था।


बैंककर्मियों की भूमिका की जांच जारी

पुलिस अब इस पूरे घोटाले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। बैंक की संबंधित शाखाओं में पहले तैनात रहे मैनेजरों और लेखाकारों को तलब कर उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही, एजेंट उमेर अहमद द्वारा जिले के भीतर और अन्य जनपदों में काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों का पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है। जल्द ही इन सभी अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

- हरेंद्र कुमार, एएसपी पश्चिमी
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