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तीन माह से दो लाख छात्रों को नहीं मिली एमडीएम की राशि
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अंबेडकरनगर। कोरोना संकट के बीच 1586 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए सत्र से लेकर अब तक एमडीएम योजना के तहत अभिभावकों के खाते में एमडीएम की राशि नहीं पहुंच सकी है। कोरोना संकट के बीच खाते में एमडीएम की राशि न पहुंचने से आर्थिक मुश्किलों से संघर्ष कर रहे अभिभावकों के समक्ष बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में कोरोना काल के बीच आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाने की सरकार की मंशा तार-तार हो रही है। उधर, खाते में एमडीएम की राशि न पहुंचने से अभिभावकों ने कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि ऐसे समय में जबकि उन्हें राशि की जरूरत है, तो ऐसे में इस प्रकार की लापरवाही अत्यंत चिंताजनक है।
परिषदीय विद्यालयोें में पंजीकृत छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावक मौजूदा समय में आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। एक तरफ जहां कोरोना संकट ने लोगों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है, तो वहीं परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में एमडीएम योजना के तहत राशि नहीं पहुंच सकी है। जिले में 1586 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कुल 2 लाख 9 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें प्राथमिक विद्यालय में एक लाख 34 हजार, तो उच्च प्राथमिक विद्यालय में 75 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
कोरोना संकट के चलते विद्यालय बंद होने के बीच परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना का समुचित लाभ दिलाने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में एमडीएम की राशि भेजी जा रही है। प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रति छात्र 4 रुपये 92 पैसे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 7 रुपये 38 पैसे भेजे जाते हैं। नए शिक्षा सत्र अप्रैल से अब तक योजना के तहत राशि अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंच सकी है। नतीजा यह है कि आर्थिक संकट से जूझ कर रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उत्पन्न हो रही हैं।
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अभिभावकों ने जताई नाराजगी
अकबरपुर के प्रकाश राय व सुनील धुरिया ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना संकट ने पहले से ही आर्थिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इस पर अब एमडीएम योजना के तहत खाते में पहुंचने वाली राशि भी नहीं मिल रही है। तीन माह से एमडीएम राशि खाते में नहीं आई है। इससे आर्थिक मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। अभिभावकों के हित को देखते हुए अविलंब खाते में राशि भेजी जाए। अकबरपुर के सुनील शर्मा व भीटी संतराम ने कहा कि एमडीएम योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। योजना का लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए अविलंब खाते में एमडीएम की राशि भेजी जाए।
शासन को भेजा गया है पत्र
एमडीएम योजना के तहत अभिभावकों के खाते में भेजे जानी वाली राशि के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। अप्रैल से राशि खाते में नहीं भेजी जा सकी है। शीघ्र ही शासन से राशि मिलने की उम्मीद है। शासन से राशि उपलब्ध होते ही अभिभावकों के खाते में राशि भेज दी जाएगी।
-सत्यप्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी
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परिषदीय विद्यालयोें में पंजीकृत छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावक मौजूदा समय में आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। एक तरफ जहां कोरोना संकट ने लोगों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है, तो वहीं परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में एमडीएम योजना के तहत राशि नहीं पहुंच सकी है। जिले में 1586 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कुल 2 लाख 9 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें प्राथमिक विद्यालय में एक लाख 34 हजार, तो उच्च प्राथमिक विद्यालय में 75 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
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कोरोना संकट के चलते विद्यालय बंद होने के बीच परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना का समुचित लाभ दिलाने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में एमडीएम की राशि भेजी जा रही है। प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रति छात्र 4 रुपये 92 पैसे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 7 रुपये 38 पैसे भेजे जाते हैं। नए शिक्षा सत्र अप्रैल से अब तक योजना के तहत राशि अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंच सकी है। नतीजा यह है कि आर्थिक संकट से जूझ कर रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उत्पन्न हो रही हैं।
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अभिभावकों ने जताई नाराजगी
अकबरपुर के प्रकाश राय व सुनील धुरिया ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना संकट ने पहले से ही आर्थिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इस पर अब एमडीएम योजना के तहत खाते में पहुंचने वाली राशि भी नहीं मिल रही है। तीन माह से एमडीएम राशि खाते में नहीं आई है। इससे आर्थिक मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। अभिभावकों के हित को देखते हुए अविलंब खाते में राशि भेजी जाए। अकबरपुर के सुनील शर्मा व भीटी संतराम ने कहा कि एमडीएम योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। योजना का लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए अविलंब खाते में एमडीएम की राशि भेजी जाए।
शासन को भेजा गया है पत्र
एमडीएम योजना के तहत अभिभावकों के खाते में भेजे जानी वाली राशि के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। अप्रैल से राशि खाते में नहीं भेजी जा सकी है। शीघ्र ही शासन से राशि मिलने की उम्मीद है। शासन से राशि उपलब्ध होते ही अभिभावकों के खाते में राशि भेज दी जाएगी।
-सत्यप्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी