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पौने दो लाख महिलाओं व बच्चों को फिर मिलेगा राशन
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अंबेडकरनगर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े एक लाख 72 हजार बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। कोरोना संक्रमण के चलते शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया था। इससे केंद्र से मिलने वाले राशन को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इस बीच बीते दिन शासन ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर के दौरान जिस प्रकार से सूखे राशन का वितरण किया गया था, उसी प्रकार से फिर से किया जाए। शासन के निर्देश के बाद आंगनबाड़ी कर्मचारियों की ओर डोर-टू-डोर सूखे राशन का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।
बीते दिनों कोरोना संक्रमण के चलते बंद आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं में राशन वितरण को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उनमें उहापोह की स्थिति थी कि आखिर उन्हें जनवरी में राशन मिलेगा भी या नहीं। हालांकि कुछ दिन पहले ही शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए डोर-टू-डोर सूखे राशन का वितरण किए जाने की घोषणा की तो संशय के बादल छट गए और संबंधित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के चेहरे खिल उठे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वावधान मेें जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में एक लाख 72 हजार बच्चे, गर्भवती व धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय के अनुसार 6 माह से 3 वर्ष तक के 92 हजार बच्चे, 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु वर्ग के 45 हजार बच्चे, जबकि 35 हजार गर्भवती व धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय के विनोद कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए आंगनबाड़ी कर्मचारियों द्वारा डोर-टू-डोर जाकर सूखे राशन का वितरण किया जा रहा है। जनवरी के अंत तक सभी पंजीकृत बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं में सूखे राशन का वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस संबंध में जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
यह मिलता है राशन
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अनुसार 6 माह से 3 वर्ष तक के पंजीकृत बच्चों को एक किग्रा. चावल, एक किग्रा. गेहूं, एक किग्रा. दलिया, आधा लीटर रिफाइंड तेल व एक किग्रा. चना दिया जाता है। इसी प्रकार से 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को आधा किग्रा. गेहूं, आधा किग्रा. चावल, आधा किग्रा. दलिया, आधा किग्रा. तेल व आधा किग्रा. चना, गर्भवती व धात्री को एक किग्रा. चावल, एक किग्रा. गेहूं, एक किग्रा. दलिया, आधा किग्रा. चने की दाल व आधा लीटर रिफाइंड तेल दिया जाता है।
जिम्मेदारों को दिए गए निर्देश
कोविड-19 को देखते हुए शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ऐसे में केंद्र से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सूखा राशन आंगनबाड़ी कर्मचारियों के माध्यम से डोर-टू-डोर वितरण कराए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस संबंध में जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।
-दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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इस बीच बीते दिन शासन ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर के दौरान जिस प्रकार से सूखे राशन का वितरण किया गया था, उसी प्रकार से फिर से किया जाए। शासन के निर्देश के बाद आंगनबाड़ी कर्मचारियों की ओर डोर-टू-डोर सूखे राशन का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है।
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बीते दिनों कोरोना संक्रमण के चलते बंद आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं में राशन वितरण को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उनमें उहापोह की स्थिति थी कि आखिर उन्हें जनवरी में राशन मिलेगा भी या नहीं। हालांकि कुछ दिन पहले ही शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए डोर-टू-डोर सूखे राशन का वितरण किए जाने की घोषणा की तो संशय के बादल छट गए और संबंधित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के चेहरे खिल उठे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वावधान मेें जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में एक लाख 72 हजार बच्चे, गर्भवती व धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय के अनुसार 6 माह से 3 वर्ष तक के 92 हजार बच्चे, 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु वर्ग के 45 हजार बच्चे, जबकि 35 हजार गर्भवती व धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार कार्यालय के विनोद कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए आंगनबाड़ी कर्मचारियों द्वारा डोर-टू-डोर जाकर सूखे राशन का वितरण किया जा रहा है। जनवरी के अंत तक सभी पंजीकृत बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं में सूखे राशन का वितरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस संबंध में जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
यह मिलता है राशन
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अनुसार 6 माह से 3 वर्ष तक के पंजीकृत बच्चों को एक किग्रा. चावल, एक किग्रा. गेहूं, एक किग्रा. दलिया, आधा लीटर रिफाइंड तेल व एक किग्रा. चना दिया जाता है। इसी प्रकार से 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को आधा किग्रा. गेहूं, आधा किग्रा. चावल, आधा किग्रा. दलिया, आधा किग्रा. तेल व आधा किग्रा. चना, गर्भवती व धात्री को एक किग्रा. चावल, एक किग्रा. गेहूं, एक किग्रा. दलिया, आधा किग्रा. चने की दाल व आधा लीटर रिफाइंड तेल दिया जाता है।
जिम्मेदारों को दिए गए निर्देश
कोविड-19 को देखते हुए शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ऐसे में केंद्र से जुड़े बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सूखा राशन आंगनबाड़ी कर्मचारियों के माध्यम से डोर-टू-डोर वितरण कराए जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस संबंध में जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।
-दिनेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी