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Ambedkar Nagar News: लाकार्पण के एक साल बाद भी नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा विंग
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अंबेडकरनगर। लोकार्पण के एक वर्ष बाद भी जिला अस्पताल में स्थापित छह बेड के ट्राॅमा विंग का संचालन अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है। इसका लोकार्पण सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब एक साल पहले किया था। मैन पावर के अभाव में ट्रॉमा विंग के मुख्य गेट पर ताला लटक रहा है। इससे गंभीर किस्म के मरीजों के त्वरित इलाज की उम्मीद दम तोड़ रही है। इन सबके बीच अब सीएम दोबारा इसी माह यहां आने वाले हैं।
जिला अस्पताल में छह बेड का ट्रॉमा विंग बनाने के लिए वर्ष 2019-20 में मंजूरी मिली थी। एक करोड़ 19 लाख 42 हजार की लागत से ट्रॅामा विंग के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड को दी गई थी। वर्ष 2023 में कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा कर दिया। गत वर्ष 20 जून को जनपद दौरे पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई योजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें ट्रॅामा विंग भी शामिल था। इससे मरीजों व तीमारदारों की उम्मीदें जगीं कि कुछ दिनों में इसका संचालन शुरू हो जाएगा तो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों का इलाज यहीं आसानी से हो सकेगा। लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ट्राॅमा विंग का संचालन शुरू न होने से लोगों को नाराजगी है।
संचालन शुरू हो तो मिले लाभ
जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा कि अगर ट्रॉमा विंग संचालन शुरू हो जाता तो जो गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर या लखनऊ के लिए रेफर किए जाते हैं उनका इलाज यहीं पर हो सकता है। कई बार इलाज के लिए ले जाते समय ही रास्ते में गंभीर मरीजों की हालत काफी खराब हो जाती है और उनकी जान नहीं बचाई जा पाती है।
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मैनपावर की है कमीं
ट्रॅामा विंग के संचालन के लिए ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, सामान्य सर्जन, स्टाफ नर्स, वार्डबॉय व स्वीपर की आवश्यकता है। इसके लिए कई बार विभाग को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक उपलब्धता न होने के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है।
- डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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जिला अस्पताल में छह बेड का ट्रॉमा विंग बनाने के लिए वर्ष 2019-20 में मंजूरी मिली थी। एक करोड़ 19 लाख 42 हजार की लागत से ट्रॅामा विंग के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड को दी गई थी। वर्ष 2023 में कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा कर दिया। गत वर्ष 20 जून को जनपद दौरे पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई योजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें ट्रॅामा विंग भी शामिल था। इससे मरीजों व तीमारदारों की उम्मीदें जगीं कि कुछ दिनों में इसका संचालन शुरू हो जाएगा तो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों का इलाज यहीं आसानी से हो सकेगा। लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ट्राॅमा विंग का संचालन शुरू न होने से लोगों को नाराजगी है।
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संचालन शुरू हो तो मिले लाभ
जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने कहा कि अगर ट्रॉमा विंग संचालन शुरू हो जाता तो जो गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर या लखनऊ के लिए रेफर किए जाते हैं उनका इलाज यहीं पर हो सकता है। कई बार इलाज के लिए ले जाते समय ही रास्ते में गंभीर मरीजों की हालत काफी खराब हो जाती है और उनकी जान नहीं बचाई जा पाती है।
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मैनपावर की है कमीं
ट्रॅामा विंग के संचालन के लिए ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, सामान्य सर्जन, स्टाफ नर्स, वार्डबॉय व स्वीपर की आवश्यकता है। इसके लिए कई बार विभाग को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक उपलब्धता न होने के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है।
- डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस