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अलर्ट के बाद भी डेंगू पर रोक नहीं किए गए कोई इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:18 PM IST
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जिला अस्पताल में इसके लिए न तो अलग से 10 बेड का वार्ड स्थापित किया गया है और न ही इसके निशुल्क जांच की कोई व्यवस्था ही की गई है। यह नहीं जिले के किसी भी क्षेत्र में मच्छरों की रोकथाम के लिए दवाओं का छिड़काव तक नहीं कराया गया।
इसकी रोकथाम के लिए शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में कोई जागरुकता अभियान तक नही चलाया गया। इस जानलेवा बीमारी पर अंकुश पाने के लिए विभागीय अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अधिकारियों को शासन के निर्देशों एवं जिले में अलर्ट की जानकारी तक नहीं हैं।
लगातार बदलते मौसम के बीच सूबे में डेंगू, दिमागी बुखार व इन्सेफ्लाइटिस आदि रोगों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में डेंगू से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी को रोकने व लोगों को जागरुक करने के लिए शासन ने सूबे के 27 जिलों में अलर्ट जारी किया है।
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इसमें अंबेडकरनगर भी शामिल है। जिले में इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में 10 बेड डेंगू मरीज के लिए रिजर्व रखने के निर्देश का भी पालन अब तक नहीं किया जा सका है।
इसके निशुल्क जांच की भी सुविधा भी अब तक जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। साफ सफाई को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। परिसर से लेकर वार्डों तक हर तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
इस बाबत जब प्रभारी सीएमएस डा. वीके पाण्डेय से जानकारी हासिल की गई तो उन्होंने बताया कि शासन से उन्हें ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। यदि निर्देश मिलता है तो उसके अनुसार सुविधा प्रदान की जाएगी। सीएमएस के अनुसार जिले में डेंगू या दिमागी बुखार का कोई मरीज अभी तक सामने नहीं आया है।
यदि आता है, तो उसका उचित इलाज किया जाएगा। बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू व दिमागी बुखार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
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इसकी रोकथाम के लिए शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में कोई जागरुकता अभियान तक नही चलाया गया। इस जानलेवा बीमारी पर अंकुश पाने के लिए विभागीय अधिकारी कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अधिकारियों को शासन के निर्देशों एवं जिले में अलर्ट की जानकारी तक नहीं हैं।
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लगातार बदलते मौसम के बीच सूबे में डेंगू, दिमागी बुखार व इन्सेफ्लाइटिस आदि रोगों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में डेंगू से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी को रोकने व लोगों को जागरुक करने के लिए शासन ने सूबे के 27 जिलों में अलर्ट जारी किया है।
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इसमें अंबेडकरनगर भी शामिल है। जिले में इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में 10 बेड डेंगू मरीज के लिए रिजर्व रखने के निर्देश का भी पालन अब तक नहीं किया जा सका है।
इसके निशुल्क जांच की भी सुविधा भी अब तक जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। साफ सफाई को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। परिसर से लेकर वार्डों तक हर तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
इस बाबत जब प्रभारी सीएमएस डा. वीके पाण्डेय से जानकारी हासिल की गई तो उन्होंने बताया कि शासन से उन्हें ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। यदि निर्देश मिलता है तो उसके अनुसार सुविधा प्रदान की जाएगी। सीएमएस के अनुसार जिले में डेंगू या दिमागी बुखार का कोई मरीज अभी तक सामने नहीं आया है।
यदि आता है, तो उसका उचित इलाज किया जाएगा। बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू व दिमागी बुखार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।