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जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में हुआ भारी उलटफेर
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अंबेडकरनगर। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव ने जिले में भारी उलटफेर किया है। आगामी दिनों जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रबल दावेदार भाजपा व बसपा के दो प्रत्याशी सदस्य पद का ही चुनाव हार गए हैं। इस बीच चौथी बार जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव निर्दल जीतने वाले साधू वर्मा अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हो सकते हैं। उधर, अध्यक्ष पद के एक और दावेदार पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा भी देर शाम तक पीछे बने हुए थे। चुनाव जीतने वालों में निर्दलियों का बोलबाला दिखा।
जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव ने सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों में हड़कंप की स्थिति मचा दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अध्यक्ष पद के तमाम दावेदार सदस्य पद का चुनाव ही जीत नहीं पाए। बहुजन समाज पार्टी ने जलालपुर से अकबरपुर के एक होटल व्यवसायी के परिवार की नीलम वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा की तरफ से मजबूत दावेदार माना जा रहा था। वे चुनाव जीतने में सफल नहीं हो पाईं।
इसी तरह भाजपा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के एक दावेदार पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शिव नायक वर्मा बसखारी दक्षिण सीट से चुनाव मैदान में थे। वे न सिर्फ चुनाव हारे वरन तीसरे स्थान पर रहे। यहां भासपा के समर्थन से उतरे निर्दल प्रत्याशी अंगद निषाद ने जीत दर्ज की। इन दोनों प्रमुख प्रत्याशियों की हार से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। भाजपा की तरफ से अध्यक्ष पद के एक अन्य प्रबल दावेदार पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा रामनगर दक्षिण सीट से चुनाव मैदान में थे। देर शाम तक वह भी पीछे बने हुए थे।
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इन सब उठापटक के बीच बसपा से टिकट न मिलने पर निर्दल चुनाव लड़ने वाले साधू वर्मा जिला पंचायत सदस्य पद पर रिकॉर्ड मतों की जीत के साथ ही अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार बन गए हैं। हालांकि अभी उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वह पूरा परिणाम सामने आने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।
उधर, जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में तमाम सीटों पर निर्दल प्रत्याशियों को सफलता मिली है। समाजवादी पार्टी के कई प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल हुए हैं, जिसमें जहांगीरगंज पूर्वी से अवधेश गौतम तथा जहांगीरगंज पश्चिमी से अशोक कनौजिया शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी इन प्रत्याशियों की जीत की अधिकृत घोषणा नहीं की है
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जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव ने सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों में हड़कंप की स्थिति मचा दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अध्यक्ष पद के तमाम दावेदार सदस्य पद का चुनाव ही जीत नहीं पाए। बहुजन समाज पार्टी ने जलालपुर से अकबरपुर के एक होटल व्यवसायी के परिवार की नीलम वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा की तरफ से मजबूत दावेदार माना जा रहा था। वे चुनाव जीतने में सफल नहीं हो पाईं।
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इसी तरह भाजपा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के एक दावेदार पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शिव नायक वर्मा बसखारी दक्षिण सीट से चुनाव मैदान में थे। वे न सिर्फ चुनाव हारे वरन तीसरे स्थान पर रहे। यहां भासपा के समर्थन से उतरे निर्दल प्रत्याशी अंगद निषाद ने जीत दर्ज की। इन दोनों प्रमुख प्रत्याशियों की हार से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। भाजपा की तरफ से अध्यक्ष पद के एक अन्य प्रबल दावेदार पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा रामनगर दक्षिण सीट से चुनाव मैदान में थे। देर शाम तक वह भी पीछे बने हुए थे।
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इन सब उठापटक के बीच बसपा से टिकट न मिलने पर निर्दल चुनाव लड़ने वाले साधू वर्मा जिला पंचायत सदस्य पद पर रिकॉर्ड मतों की जीत के साथ ही अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार बन गए हैं। हालांकि अभी उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वह पूरा परिणाम सामने आने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।
उधर, जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में तमाम सीटों पर निर्दल प्रत्याशियों को सफलता मिली है। समाजवादी पार्टी के कई प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल हुए हैं, जिसमें जहांगीरगंज पूर्वी से अवधेश गौतम तथा जहांगीरगंज पश्चिमी से अशोक कनौजिया शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी इन प्रत्याशियों की जीत की अधिकृत घोषणा नहीं की है