फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   There is no political crisis in the state: Ram Naik

प्रदेश में नहीं कोई सियासी संकट : राम नाईक

Sun, 18 Sep 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sun, 18 Sep 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
There is no political crisis in the state: Ram Naik
अंबेडकरनगर के लोहिया भवन सभागार में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मेधावी छात्रा को सम्मानित करते राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में कोई सियासी संकट नहीं है। यह एक पार्टी का अंदरूनी मामला है। पूरी स्थिति पर नजर है। जरूरत हुई, तो केंद्र सरकार व राष्ट्रपति को अवगत कराया जाएगा। यह बातें शनिवार को जिला मुख्यालय पर राज्यपाल राम नाईक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
विज्ञापन


सपा में मचे घमासान के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि यह एक पार्टी का अंदरूनी मामला है। यूपी में जो भी बातें हो रही हैं, उनको राज्यपाल के नाते देखना उनका काम है। आवश्यकता पड़ी, तो केंद्र सरकार व राष्ट्रपति को इसकी जानकारी दी जाएगी, लेकिन अभी ऐसी कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन


राज्यपाल ने कहा कि यहां जो कुछ भी हो रहा है, वह सब लोगों के सामने है। समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत में है। इसके चलते भी किसी प्रकार का सियासी संकट यहां नहीं है। उन्हें नहीं लगता कि प्रदेश के मौजूदा हालात में किसी तरह के हस्तक्षेप की कोई जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यपाल राम नाईक ने मुंबई के झुग्गी झोपड़ी वालों का जिक्र करने के दौरान  मथुरा कांड की चर्चा कर प्रदेश सरकार की भी चुटकी ली। उन्होंने मेधावी सम्मान समारोह में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय संवेदना से ओतप्रोत व जमीनी विचारों वाले थे।

मुंबई में झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों के हितों के लिए उनकी ओर से किए गए प्रयास सदैव याद किए जाएंगे। मुंबई में कब्जा दूसरी तरह का था, वह मथुरा कांड जैसा नहीं था। इस पर ऑडिटोरियम में मौजूद लोग ठहाके लगा बैठे। 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन और व्यवहार एक था। दुश्मनी जैसा कोई भाव उनके पास था ही नहीं। ऐसे ही आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। यह विचार राज्यपाल रामनाइक ने शनिवार को लोहिया भवन में सामाजिक संस्था दरकार की ओर से आयोजित एकात्म मानव दर्शन प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों के पुरस्कार वितरण तथा शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्ति किए।

कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनसंघ नेता दीनदयाल उपाध्याय जैसे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। राज्यपाल ने दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मनाए जाने की भी चर्चा की और बताया कि 9 अक्तूबर को दिल्ली में इसे लेकर बड़ा आयोजन हो रहा है।

एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर प्रकाश डाला। सांसद हरिओम पांडेय व भाजपा प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि उनके आदर्श सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। आयोजक त्रियंबक तिवारी ने कहा कि वे लोगों को ऐसे आदर्शों से अवगत कराते रहेंगे।


राज्यपाल ने प्रतियोगिता में प्रथम छात्रा मीमांशा पटेल, दूसरे स्थान पर एरम व तृतीय गरिमा को पुरस्कृत किया। आयोजक मंडल के सदस्यों अनिल रंजन त्रिपाठी, डॉ. ओमप्रकाश त्रिपाठी, संदीप तिवारी, प्रणव पांडेय, राहुल पांडेय, दिनेश व सुमित के अलावा प्रधानाचार्य रामउजागिर वर्मा, ऊषा श्रीवास्तव, शेषप्रकाश वर्मा, एके दुबे, कमला प्रसाद वर्मा समेत अन्य को भी सम्मानित किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed