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Ambedkar Nagar News: 19 अस्पतालों में मात्र 13 चिकित्सक, स्टाफ का भी संकट
Wed, 09 Apr 2025 10:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 09 Apr 2025 10:50 PM IST
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.जिला अस्पताल में संचालित में होम्योपैथिक अस्पताल में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।
अंबेडकरनगर। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के संस्थापक और जनक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। होम्योपैथ चिकित्सा पद्धति आज भी बच्चों से लेकर बड़ों के इलाज में काफी कारगर मानी जाती है। हर माह जिले के सरकारी होम्योपैथिक अस्पतालों में 40 से 50 हजार मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां डॉक्टर से लेकर स्टाफ और संसाधनों का संकट बना हुआ है। कार्यालय को छोड़कर सभी अस्पताल मौजूदा समय में अन्य सरकारी एलोपैथिक अस्पतालों में संचालित हो रहे हैं। जांच से लेकर अन्य सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराना चुनौती से कम नहीं है।
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छह चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट की जरूरत
अकबरपुर नगर के अलावा जिला चिकित्सालय में होम्योपैथिक अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 17 अन्य सरकारी अस्पतालाें में भी होम्योपैथी चिकित्सा के लिए एक-एक कक्ष मुहैया कराया गया है। इन 19 अस्पतालों में से 14 में चिकित्सकों की तैनाती है, लेकिन एक चिकित्सक उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर चल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ 13 ही डॉक्टर उपलब्ध हैं। फार्मासिस्ट के 19 पदों के मुकाबले दो व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के दो पद रिक्त हैं।
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दवाओं के भंडारण की समस्या
होम्योपैथिक अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता तो पर्याप्त है, लेकिन इनके भंडारण का संकट है। इसके पीछे वजह है कि अस्पताल संचालित करने के लिए बामुश्किल एक कमरा ही उपलब्ध कराया गया।
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दो भवन निर्माणाधीन, एक पर कार्य शुरू होने का इंतजार
शासन ने जिले में तीन होम्योपैथिक अस्पताल के भववों को मंजूरी दी है। प्रत्येक के निर्माण में 29.88 लाख रुपये खर्च होने हैं। मार्च 2025 में अकबरपुर के बेलापरसा निकट बरियावन, हीड़ी पकड़िया कटेहरी में कार्य शुरू हो चुका है, जबकि भीटी के मिझौड़ा में इस बार निर्माण शुरू होने के आसार हैं।
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हर माह आते हैं 40 से 50 हजार मरीज
होम्योपैथिक पद्धति से इलाज करने के लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100-120 मरीज आते हैं। अन्य अस्पतालों में ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की रहती है। इस प्रकार प्रतिमाह करीब 40 से 50 हजार मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं।
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वर्जन
रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भेजा गया पत्र
दो नए होम्योपैथिक अस्पतालों का निर्माण शुरू हो चुका है, इसी माह एक अन्य अस्पताल का निर्माण शुरू हो जाएगा। दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। डॉक्टर व फार्मासिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह, जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी
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छह चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट की जरूरत
अकबरपुर नगर के अलावा जिला चिकित्सालय में होम्योपैथिक अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 17 अन्य सरकारी अस्पतालाें में भी होम्योपैथी चिकित्सा के लिए एक-एक कक्ष मुहैया कराया गया है। इन 19 अस्पतालों में से 14 में चिकित्सकों की तैनाती है, लेकिन एक चिकित्सक उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर चल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ 13 ही डॉक्टर उपलब्ध हैं। फार्मासिस्ट के 19 पदों के मुकाबले दो व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के दो पद रिक्त हैं।
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दवाओं के भंडारण की समस्या
होम्योपैथिक अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता तो पर्याप्त है, लेकिन इनके भंडारण का संकट है। इसके पीछे वजह है कि अस्पताल संचालित करने के लिए बामुश्किल एक कमरा ही उपलब्ध कराया गया।
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दो भवन निर्माणाधीन, एक पर कार्य शुरू होने का इंतजार
शासन ने जिले में तीन होम्योपैथिक अस्पताल के भववों को मंजूरी दी है। प्रत्येक के निर्माण में 29.88 लाख रुपये खर्च होने हैं। मार्च 2025 में अकबरपुर के बेलापरसा निकट बरियावन, हीड़ी पकड़िया कटेहरी में कार्य शुरू हो चुका है, जबकि भीटी के मिझौड़ा में इस बार निर्माण शुरू होने के आसार हैं।
हर माह आते हैं 40 से 50 हजार मरीज
होम्योपैथिक पद्धति से इलाज करने के लिए जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100-120 मरीज आते हैं। अन्य अस्पतालों में ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की रहती है। इस प्रकार प्रतिमाह करीब 40 से 50 हजार मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं।
वर्जन
रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भेजा गया पत्र
दो नए होम्योपैथिक अस्पतालों का निर्माण शुरू हो चुका है, इसी माह एक अन्य अस्पताल का निर्माण शुरू हो जाएगा। दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। डॉक्टर व फार्मासिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह, जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी