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Ambedkar Nagar News: जिले में तेजी से चल रहा खेतों की मैपिंग का काम

Wed, 11 Sep 2024 10:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 10:52 PM IST
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The work of mapping the farms is progressing rapidly in the district
अंबेडकरनगर। खेतोंं का खसरा ऑनलाइन करने का काम जिले में तेजी से चल रहा है। सभी 1644 गांवों का ऑनलाइन नक्शा अपलोड हो गया है। अब खेतों की मैपिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। ऑनलाइन मैपिंग होने से भूमि का विवरण एक क्लिक में मिल सकेगा। खसरा खतौनी निकालने के लिए लेखपाल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही रजिस्ट्री आदि में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी रोक लग सकेगी।
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आने वाले समय में ई-डिजिटल खसरे के माध्यम से खेतों में कौन सी फसल लगाई गई है, जमीन सिंचित है या असिंचित, सरकारी है या निजी संपत्ति है ऐसी तमाम जानकारियां अब घर बैठे प्राप्त की जा सकती हैं। इसके लिए जिले के 1644 गांवाें का मैप अपलोड कर लिया गया है। 11 लाख 39 हजार 738 गाटा को ई-डिजिटल खसरे में दर्ज कर ऑनलाइन डेटा के साथ पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है।
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अब तक जिले में छह लाख 41 हजार 153 गाटा का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो चुका है। सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट होने के बाद इसे एक क्लिक पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे खेती किसानी में मदद मिलने के साथ ही रजिस्ट्री आदि में होने वाले फर्जीवाड़े को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा।
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टीम के एक सदस्य ने बताया कि किसी भी गाटा के पास पहुंच कर मैप खोलने के बाद पहले प्लाॅट की दूरी भरनी होगी। उसके बाद भूमि की श्रेणी, फसल, पेड़ व भवन की स्थिति दर्ज की जाएगी। साथ ही सिंचाई के साधन का विवरण दर्ज करने के बाद तस्वीर खींच कर अपलोड की जाएगी। इसके लिए तहसीलवार सभी एसडीएम की अगुवाई में निगरानी के लिए टीम भी गठित की गई है।

आपदा में फसल के नुकसान की आसानी से हो सकेगी जानकारी
ई-डिजिटल खसरे के ऑनलाइन होने से आने वाले समय में किस गाटे में कौन सी फसल है और कितने क्षेत्रफल में लगाई गई है , यह सब ऑनलाइन दिखाई देगा। यह व्यवस्था जब पूरी तरह से लागू हो जाएगी तो फसल बीमा व आपदा के दौरान फसल के नुकसान की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। राजस्व व कृषि विभाग के अनुसार लगभग 300 लेखपाल, पंचायत सहायक, टीएसी,एटीएम, किसान मित्र व रोजगार सेवक को इस काम में लगाया गया है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद खतौनी की तरह खसरे को भी आसानी से निकाला जा सकता है इसके लिए लेखपाल के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


तेजी से चल रहा है कार्य
ई-डिजिटल खसरे का कार्य तेजी से चल रहा है। मौजूदा समय में जनपद की स्थिति प्रदेश में अच्छी है। आने वाले कुछ माह में सारे गाटों का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। - डॉ. सदानंद गुप्त, एडीएम
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