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लाल निशान से 13 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:00 PM IST
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अंबेडकरनगर के टांडा में उफनाती सरयू।
- फोटो : अमर उजाला
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उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। मंगलवार को जलस्तर खतरे के लाल निशान से जहां 7 सेमी ऊपर था, वहीं बुधवार शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 92.96 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के लाल निशान से 13 सेमी ऊपर है। जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते एक तरफ जहां तटीय क्षेत्र में स्थित एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, वहीं नाले की सहायता से छज्जापुर, राजघाट, नेहरूनगर व मेहनिया मोहल्ले में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने न सिर्फ 9 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है, बल्कि गुरुवार 21 जुलाई से बचाव एवं राहत के लिए 14 नाव को उतारने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश एवं नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते सोमवार शाम को जलस्तर खतरे का लाल निशान 92.73 मीटर पार कर गया, जबकि मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान से 7 सेमी ऊपर पहुंच गया।
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आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 92.96 मीटर पर दर्ज किया, जो कि खतरे के लाल निशान से 13 सेमी ऊपर है। बाढ़ प्रखण्ड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की संभावना नहीं है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते एक दर्जन से अधिक गांव माझा उलटहवा, माझा करमपुर, माझा अवसानपुर, माझा चिंतौरा, माझा कला, माझा छज्जापुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा केवटला आदि गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
ऐसे में संबंधित गावों के ग्रामीणों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर खड़ी हो रही है। बाढ़ प्रभावित लोग पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं।
इसके अलावा जलस्तर बढने से बाढ़ का पानी नालों से होता हुआ नगर के छज्जापुर, राजघाट, नेहरूनगर, मेहनिया की गलियों में प्रवेश करने लगा है। जिस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे न सिर्फ आबादी में पानी घुसने की संभावना है, बल्कि टांडा फैजाबाद मार्ग भी जलमग्र होने की उम्मीद है।
लगातार सरयू नदी के उफान को देखते हुए तहसीलदार राजेश सिंह ने बुधवार को सभी 9 बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गुरुवार 21 जुलाई से आरक्षित की गईं सभी 14 नावों को बचाव एवं राहत के लिए उतारा जाएगा।
एसडीएम पंकज ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
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लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते एक तरफ जहां तटीय क्षेत्र में स्थित एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, वहीं नाले की सहायता से छज्जापुर, राजघाट, नेहरूनगर व मेहनिया मोहल्ले में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने न सिर्फ 9 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है, बल्कि गुरुवार 21 जुलाई से बचाव एवं राहत के लिए 14 नाव को उतारने का निर्णय लिया है।
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गौरतलब है कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश एवं नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते सोमवार शाम को जलस्तर खतरे का लाल निशान 92.73 मीटर पार कर गया, जबकि मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान से 7 सेमी ऊपर पहुंच गया।
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आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 92.96 मीटर पर दर्ज किया, जो कि खतरे के लाल निशान से 13 सेमी ऊपर है। बाढ़ प्रखण्ड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की संभावना नहीं है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते एक दर्जन से अधिक गांव माझा उलटहवा, माझा करमपुर, माझा अवसानपुर, माझा चिंतौरा, माझा कला, माझा छज्जापुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा केवटला आदि गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
ऐसे में संबंधित गावों के ग्रामीणों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे को लेकर खड़ी हो रही है। बाढ़ प्रभावित लोग पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं।
इसके अलावा जलस्तर बढने से बाढ़ का पानी नालों से होता हुआ नगर के छज्जापुर, राजघाट, नेहरूनगर, मेहनिया की गलियों में प्रवेश करने लगा है। जिस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे न सिर्फ आबादी में पानी घुसने की संभावना है, बल्कि टांडा फैजाबाद मार्ग भी जलमग्र होने की उम्मीद है।
लगातार सरयू नदी के उफान को देखते हुए तहसीलदार राजेश सिंह ने बुधवार को सभी 9 बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गुरुवार 21 जुलाई से आरक्षित की गईं सभी 14 नावों को बचाव एवं राहत के लिए उतारा जाएगा।
एसडीएम पंकज ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।