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Ambedkar Nagar News: रिंकल प्रकरण ने भाजपा की अंतर्कलह को किया उजागर

Wed, 25 Jun 2025 10:43 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 10:43 PM IST
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The Rinkal episode exposed the internal conflicts of BJP
जिला अस्पताल में जांच के लिए जातीं रिंकल सिंह। संवाद
अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की 11 वर्ष की उपलब्धियाें, विकास कार्यों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के सहारे जनाधार बढ़ाने में जुटी भारतीय जनता पार्टी पर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह के प्रकरण ने विपक्षियों को हमलावर होने का भरपूर मौका दिया है। विपक्षी दल कानून व्यवस्था के साथ भाजपा की महिला सुरक्षा की नीतियों पर निशाना साधने लगे हैं। इस पूरे प्रकरण में पार्टी की अंतर्कलह भी खुलकर सामने आई है। हालात यही रहे तो 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री के प्रयासों से उपचुनाव में खाता खोलने वाली भाजपा के लिए आगे की राह यूं आसान नहीं होगी।
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आगामी 29 सितंबर को अंबेडकरनगर जिले के गठन के 30 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में बने जिले में बसपा जहां अपना आधार वापस पाने की जद्दोजहद कर रही है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मोर्चे पर उतारकर आगामी विधानसभा चुनाव की पटकथा तैयार कर रही है। सपा के समक्ष गढ़ बचाने की चुनौती है। इस सबके बीच भाजपा ने पिछले वर्ष कटेहरी उपचुनाव में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार की और इसे आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं प्रयासरत हैं। हालांकि भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में पिछले कुछ समय से उथल पुथल मची है।
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जिलाध्यक्ष के चयन की तैयारी शुरू होने के बाद से पार्टी के अंदरखाने चल रही कलह अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। यही वजह रही कि आज तक अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो पाई। पिछले चार दिनों से चल रही भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह के प्रकरण में भी गुटबाजी सामने आई है। स्वयं रिंकल सिंह ने अपने बयान में भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके की नजाकत को समझते हुए भाजपा पर विपक्षी नेताओं को निशाना साधने का मौका मिल गया है और वह पूरी सक्रियता से इस प्रकरण को लोगों के बीच ले जा रहे हैं। उधर, भाजपा में ही दूसरा गुट सक्रिय होकर मामले को हवा दे रहा है।
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-------------------राजनीतिक परिस्थितियों पर एक नजर
-29 सितंबर 1995 में बसपा सरकार में जिले का गठन हुआ।
-1996 के आम चुनाव में बसपा ने जीत दर्ज की। बसपा सुप्रीमो मायावती यहां से तीन बार सांसद चुनी गईं।
-2004 में मायावती के पद छोड़ने के बाद सपा के शंखलाल मांझी ने जीत दर्ज की।
-2009 में बसपा के टिकट पर राकेश पांडेय चुनाव जीते।
- 2014 में भाजपा से पहली बार डॉ. हरिओम पांडेय सांसद चुने गए
-2019 व 2024 में बसपा से रितेश पांडेय और सपा से लालजी वर्मा सांसद बने
-विधान सभा चुनाव में आज तक भाजपा को सिर्फ 2017 में दो सीटें जीतने का अवसर मिला था।
-2022 में भाजपा एक बार फिर हाशिए पर आ गई।
-2024 में मुख्यमंत्री के प्रयास से उपचुनाव में कटेहरी सीट से धर्मराज निषाद को जीत मिली ।
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