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रमजान में इबादतों का दौर शुरू, पढ़ी तरावीह

Sun, 03 Apr 2022 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:33 PM IST
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The period of prayers started in Ramadan, read Taraweeh
अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर रमजान के मद्देनजर सामग्रियों की खरीदारी करते रोजेदार। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। इबादत के पवित्र रमजान माह में शनिवार देर शाम चांद देखने के साथ ही जिले में इबादतों का दौर प्रारंभ हो गया। शनिवार देर शाम ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर तरावीह पढ़ी। रविवार को रमजान के पहले दिन लोगों ने रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। इसके साथ ही सुबह से ही लोग इफ्तार की तैयारियों में जुट गए। खजूर, सेवईं के साथ ही तरबूज की भी जमकर खरीदारी हुई।
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पवित्र रमजान माह की शुरुआत हो चुकी है। पर्व के पहले दिन रोजेदारों ने रोजा रखकर इबादत प्रारंभ कर दी। जिन्होंने किसी कारणवश रोजा नहीं रखा, उन्होंने भी मस्जिदों व घरों में इबादत की। सुबह से ही इबादतों का दौर प्रारंभ हुआ, जो लगभग पूरे दिन तक चलता रहा। भोर में सहरी खाने के बाद दिनभर रोजा रखने वालों ने इफ्तार की भी तैयारी पूरे दिन की। भीषण गर्मी को देखते हुए इफ्तार में बेल का शर्बत के साथ ही रूह ए हफ्जा का शर्बत बनाकर फ्रिज में रख दिया गया। इसके साथ ही खजूर, सेवईं, चिप्स, पापड़ की भी खरीदारी लगभग पूरे दिन रोजेदारों व उनके परिवारीजनों ने की।
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रोजेदार मोहम्मद अली व असलम ने कहा कि उन्होंने रोजा रखने को लेकर पहले से ही तैयारी पूरी कर ली थी। कहा कि रोजा रखने के साथ ही इबादत भी शुरू कर दी है। उधर, शिया धर्मगुरू मौलाना सै. मोहम्मद अब्बास ने कहा कि रोजा सभी बालिग पर वाजिब है। यदि कोई किसी कारणवश रोजा नहीं रख सकता, तो उसे चाहिए कि वह जब घर से बाहर निकले या फिर रोजा रखने वालों के सामने जाए, तो रोजा रखने वाला चेहरा बनाना चाहिए। सार्वजनिक स्थल पर खाना-पीना न करें।
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सुन्नी धर्मगुरू हाफिज मोहम्मद निसार अहमद ने कहा कि रोजा रखने के दौरान कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे किसी को ठेस पहुंचे। इस पवित्र माह में अल्लाह खुद अपने बंदों की मेजबानी करता है। इसलिए हम सभी को चाहिए कि अल्लाह की अधिक से अधिक इबादत करें और बढ़-चढ़कर दान करें। इस बीच रमजान प्रारंभ होने के साथ ही मस्जिदों में तरावीह प्रारंभ हो गई।
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