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Ambedkar Nagar News: छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, आपात स्थितियों से निपटने के बताए तरीके
Fri, 30 Jan 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:32 PM IST
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शहर के रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में ताइक्वांडो प्रशिक्षण लेती छात्राए
अंबेडकरनगर। शहर के रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम में स्नातक की छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण कौशल सीखे।
कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक रविंद्र राजभर और संध्या राजभर ने अपनी टीम के पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आज के समय में छात्राओं के लिए स्वयं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। अचानक उत्पन्न होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना आवश्यक है। इस दौरान प्राचार्य अरविंद कुमार वर्मा, प्रो. अरुणकांत गौतम, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. सतीश उपाध्याय, डॉ. सीमा यादव, डॉ. विद्याधर मिश्र, डॉ. सतीश कुमार विश्वकर्मा, डॉ. महेंद्र यादव, डॉ. भानु प्रताप राय, डॉ.वालेटिंना प्रिया व ताइक्वांडो पदक विजेता खिलाड़ी मानसी राजभर, शगुन रानी, वंशिका गौड़ मौजूद रहे।
इनसेट-
सुरक्षा कौशल और व्यावहारिक प्रदर्शन
आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ-साथ, प्रशिक्षकों ने इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। छात्राओं को सिखाया गया कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में वे अपनी सूझबूझ और शारीरिक क्षमता का उपयोग करके कैसे सुरक्षित रह सकती हैं। इस दौरान, छात्राओं के मन में सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न थे, जिनके उत्तर प्रशिक्षकों ने दिए। इस कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल सुरक्षा के तरीके सिखाए, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
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प्रश्न- बीएसी तीसरे सेमेस्टर की छात्रा सीमा मिश्रा ने पूछा कि कोई जबरन परेशान करने की कोशिश कर रहा है तो क्या करें?
जवाब-अकेले चलते समय सावधान रहें। यदि कोई उन्हें जबरन परेशान करने की कोशिश कर रहा है तो उसको ललकारें, ताकि लोग मदद के लिए आ सकें। जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता के लिए 1090 और 112 पर कॉल करें।
प्रश्न- बीकॉम 3 ईयर की छात्रा प्रिया मोदनवाल ने पूछा कि यदि कोई उन्हें किडनैप करने की कोशिश करे तो वे क्या करें ?
जवाब- प्रशिक्षक ने कहा कि बचाव के लिए उसकी नाजुक अंगों पर चोट पहुचाएं, ताकि उन्हें उनकी पकड़ से छूटने का मौका मिल सके।
प्रश्न- बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा मानसी पॉल ने पूछा कि यदि जीवन रक्षा के प्रयास में हमलावर की मौत हो जाती है तो क्या करें? जवाब- आत्मरक्षा करते समय यदि हमलावर मारा जाता है तो इसे हत्या नहीं माना जाएगा।
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कार्यक्रम में ताइक्वांडो प्रशिक्षक रविंद्र राजभर और संध्या राजभर ने अपनी टीम के पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आज के समय में छात्राओं के लिए स्वयं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। अचानक उत्पन्न होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना आवश्यक है। इस दौरान प्राचार्य अरविंद कुमार वर्मा, प्रो. अरुणकांत गौतम, डॉ. नंदन सिंह, डॉ. सतीश उपाध्याय, डॉ. सीमा यादव, डॉ. विद्याधर मिश्र, डॉ. सतीश कुमार विश्वकर्मा, डॉ. महेंद्र यादव, डॉ. भानु प्रताप राय, डॉ.वालेटिंना प्रिया व ताइक्वांडो पदक विजेता खिलाड़ी मानसी राजभर, शगुन रानी, वंशिका गौड़ मौजूद रहे।
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इनसेट-
सुरक्षा कौशल और व्यावहारिक प्रदर्शन
आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ-साथ, प्रशिक्षकों ने इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। छात्राओं को सिखाया गया कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में वे अपनी सूझबूझ और शारीरिक क्षमता का उपयोग करके कैसे सुरक्षित रह सकती हैं। इस दौरान, छात्राओं के मन में सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न थे, जिनके उत्तर प्रशिक्षकों ने दिए। इस कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल सुरक्षा के तरीके सिखाए, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
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प्रश्न- बीएसी तीसरे सेमेस्टर की छात्रा सीमा मिश्रा ने पूछा कि कोई जबरन परेशान करने की कोशिश कर रहा है तो क्या करें?
जवाब-अकेले चलते समय सावधान रहें। यदि कोई उन्हें जबरन परेशान करने की कोशिश कर रहा है तो उसको ललकारें, ताकि लोग मदद के लिए आ सकें। जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता के लिए 1090 और 112 पर कॉल करें।
प्रश्न- बीकॉम 3 ईयर की छात्रा प्रिया मोदनवाल ने पूछा कि यदि कोई उन्हें किडनैप करने की कोशिश करे तो वे क्या करें ?
जवाब- प्रशिक्षक ने कहा कि बचाव के लिए उसकी नाजुक अंगों पर चोट पहुचाएं, ताकि उन्हें उनकी पकड़ से छूटने का मौका मिल सके।
प्रश्न- बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा मानसी पॉल ने पूछा कि यदि जीवन रक्षा के प्रयास में हमलावर की मौत हो जाती है तो क्या करें? जवाब- आत्मरक्षा करते समय यदि हमलावर मारा जाता है तो इसे हत्या नहीं माना जाएगा।