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Ambedkar Nagar News: राशन कार्ड में नाम जोड़ने की कीमत 2000 रुपये, तहसीलों में पांच-छह दलाल सक्रिय

Thu, 09 Oct 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Thu, 09 Oct 2025 12:22 AM IST
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The cost of adding a name to a ration card is Rs 2,000, with five to six brokers active in the tehsils.
अटल भवन में जनसुनवाई के दाैरान डीएसओ से प्रश्न पूछते विधायक धर्मराज निषाद।
अंबेडकरनगर। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए पात्र गरीबों को दो-दो हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं...ये चौंकाने वाला आरोप भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष राम किशोर ने बुधवार को अटल भवन में आयोजित स्वदेशी अभियान की बैठक में लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्ति विभाग में बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा, हर तहसील में पांच से छह दलाल सक्रिय हैं, जो विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से जनता को लूट रहे हैं।
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इस दौरान फरियाद लेकर आए एक नेत्रहीन दंपती की शिकायत पर विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद भड़क उठे। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय को तलब कर जमकर फटकार लगाई और कहा कि गरीबों की थाली से निवाला छीनने वालों को कुर्सी पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह सरकार सेवा के लिए है, उत्पीड़न के लिए नहीं। बैठक के दौरान टांडा तहसील के एनवा गांव से आए नेत्रहीन दंपती ने विधायक से गुहार लगाई कि उन्होंने कई बार राशन कार्ड में खुद और बेटे का नाम जोड़वाने के लिए आवेदन किया, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया गया। शिकायत सुनते ही विधायक ने डीएसओ को तुरंत मौके पर बुलाया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
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सक्रिय हैं दलाल, लेते हैं 1000-2000 रुपये
किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष राम किशोर ने कहा कि पूर्ति विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। हर तहसील में 5 से 6 दलाल खुलेआम 1000 से 2000 रुपये में नाम जोड़वाने का सौदा कर रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो किसान मोर्चा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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सोशल मीडिया पर गरमाई बहस
पूरा घटनाक्रम एक वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें विधायक और किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पूर्ति विभाग पर जमकर बरसते नजर आ रहे हैं। वहीं, डीएसओ बार-बार अपने विभाग को बचाने की कोशिश करते दिखाई दिए।


आराेप फर्जी हैं
विभाग पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। फर्जी आरोप लगाकर छवि धूमिल की जा रही है। हमारी कार्यशैली में कोई कमी नहीं है।
शिवाकांत पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी
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