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दो माह से रसोइयों को नहीं मिला मानदेय
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अंबेडकरनगर। जिले के करीब 5 हजार रसोइया मजदूरों को दो माह से मानदेय भुगतान का इंतजार है। लॉकडाउन के बीच मानदेय न मिलने से रसोइया मजदूरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रसोइया मजदूरों ने जिला प्रशासन से अविलंब बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की है।
जिले में 1586 परिषदीय स्कूल हैं, जहां पर एमडीएम योजना के तहत भोजन बनता है। भोजन बनाने के लिए 4 हजार 984 रसोइया मजदूरों की तैनाती है। लॉकडाडन के चलते इन दिनों सभी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। रसोइया मजदूर महज 1500 रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं। रसोइया मजदूरों को अप्रैल का मानदेय अब तक नहीं मिल सका है। दो माह बीत गए, लेकिन अब तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है।
कई रसोइया मजदूरों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रसोइया मजदूरों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान कराने की मांग की है। उधर, एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि धनराशि की मांग शासन से की गई है। राशि उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
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जिले में 1586 परिषदीय स्कूल हैं, जहां पर एमडीएम योजना के तहत भोजन बनता है। भोजन बनाने के लिए 4 हजार 984 रसोइया मजदूरों की तैनाती है। लॉकडाडन के चलते इन दिनों सभी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। रसोइया मजदूर महज 1500 रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं। रसोइया मजदूरों को अप्रैल का मानदेय अब तक नहीं मिल सका है। दो माह बीत गए, लेकिन अब तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है।
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कई रसोइया मजदूरों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रसोइया मजदूरों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान कराने की मांग की है। उधर, एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि धनराशि की मांग शासन से की गई है। राशि उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
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