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Ambedkar Nagar News: रोडवेज बसों और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से जाम से कराहा शहर
Tue, 28 Jul 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:27 PM IST
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बेतरतीब खड़ें ई रिक्शा
अंबेडकरनगर। शहर में यातायात व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे स्कूल खुलने के समय अकबरपुर-टांडा मार्ग पर रोडवेज बस स्टैंड के निकट व फ्लाईओवर पर लगे भयंकर जाम ने एक बार फिर व्यवस्था की पोल खोल दी। स्कूल जाने वाले बच्चे, अभिभावक, मरीज और एंबुलेंस तक जाम में फंस गए। करीब दो घंटे तक हालात बदतर रहे। बाद में यातायात पुलिस ने बेतरतीब खड़ी बसों और वाहनों को हटवाकर आवागमन बहाल कराया।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल बसों और निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ते ही शहर की प्रमुख सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात रेंगता रहा। जाम में फंसे कई स्कूली बच्चे समय पर विद्यालय नहीं पहुंच सके, जबकि अभिभावकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। जाम लगने के पीछे रोडवेज बसों के बेतरतीब खड़े होने की बात सामने आई। मौके पर पहुंची यातायात पुलिस ने वाहनों को हटवाकर आवागमन बहाल कराया। स्थानीय निवासी दिनेश मिश्रा और सुबेदार ने बताया कि सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बसें जाम की सबसे बड़ी वजह हैं। बसों के कारण सड़क संकरी हो जाती है और सुबह-शाम हालात बिगड़ जाते हैं।
उधर, जिला अस्पताल के आसपास भी स्थिति कम गंभीर नहीं है। ओपीडी के समय मरीजों और तीमारदारों की भीड़ के बीच ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यातायात पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है। मुख्य गेट पर नाली निर्माण के चलते वैकल्पिक रास्ते से आवागमन हो रहा है, लेकिन ई-रिक्शा चालक अस्पताल परिसर तक वाहन ले जाकर सवारियां उतार रहे हैं। इससे मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस रही हैं और उन्हें बाहर निकलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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स्कूल गली पर भी झेलना पड़ता है जाम
अकबरपुर-अयोध्या मार्ग के तमसा मार्ग करीब 13 स्कूल संचालित हैं। इसके चलते इस मार्ग पर छात्र-छात्राओं के साथ ही स्कूली वाहन व अन्य वाहनों का दिनभर दबाव बना रहता है। सुबह सात बजे से स्कूल खुलने के साथ ही वाहनों व स्कूली बच्चों के दबाव के साथ ही जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ट्रैफिक विभाग ने यहां दो से तीन ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कर रखी है, लेकिन अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ ही यातायात बहाल करना उनके लिए भी चुनौती बनी है। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया जाए।
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सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहनों खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल के साथ ही शहर में ई रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाकर चालान किया जाएगा। रोडवेज बस अकारण सड़क किनारे खड़ा करने पर पाबंदी लगाई जाएगी। फिर भी न मानने पर इनका भी चालान होगा।
जितेंद्र सिंह, सीओ ट्रैफिक
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मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल बसों और निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ते ही शहर की प्रमुख सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात रेंगता रहा। जाम में फंसे कई स्कूली बच्चे समय पर विद्यालय नहीं पहुंच सके, जबकि अभिभावकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। जाम लगने के पीछे रोडवेज बसों के बेतरतीब खड़े होने की बात सामने आई। मौके पर पहुंची यातायात पुलिस ने वाहनों को हटवाकर आवागमन बहाल कराया। स्थानीय निवासी दिनेश मिश्रा और सुबेदार ने बताया कि सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बसें जाम की सबसे बड़ी वजह हैं। बसों के कारण सड़क संकरी हो जाती है और सुबह-शाम हालात बिगड़ जाते हैं।
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उधर, जिला अस्पताल के आसपास भी स्थिति कम गंभीर नहीं है। ओपीडी के समय मरीजों और तीमारदारों की भीड़ के बीच ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यातायात पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है। मुख्य गेट पर नाली निर्माण के चलते वैकल्पिक रास्ते से आवागमन हो रहा है, लेकिन ई-रिक्शा चालक अस्पताल परिसर तक वाहन ले जाकर सवारियां उतार रहे हैं। इससे मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस रही हैं और उन्हें बाहर निकलने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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स्कूल गली पर भी झेलना पड़ता है जाम
अकबरपुर-अयोध्या मार्ग के तमसा मार्ग करीब 13 स्कूल संचालित हैं। इसके चलते इस मार्ग पर छात्र-छात्राओं के साथ ही स्कूली वाहन व अन्य वाहनों का दिनभर दबाव बना रहता है। सुबह सात बजे से स्कूल खुलने के साथ ही वाहनों व स्कूली बच्चों के दबाव के साथ ही जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ट्रैफिक विभाग ने यहां दो से तीन ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती कर रखी है, लेकिन अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ ही यातायात बहाल करना उनके लिए भी चुनौती बनी है। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल के समय इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया जाए।
सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहनों खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल के साथ ही शहर में ई रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाकर चालान किया जाएगा। रोडवेज बस अकारण सड़क किनारे खड़ा करने पर पाबंदी लगाई जाएगी। फिर भी न मानने पर इनका भी चालान होगा।
जितेंद्र सिंह, सीओ ट्रैफिक

बेतरतीब खड़ें ई रिक्शा