{"_id":"b7e99dfcb693c178ecedc20b9cd6c40e","slug":"swindle-in-the-name-of-job-hungama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी के नाम पर ठगी, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी के नाम पर ठगी, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 30 Jul 2015 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संस्था के इस गोरखधंधे का खुलासा गुरुवार को उस समय हुआ जब आवेदक रिक्त पदों के बारे में जानकारी लेने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी के दफ्तर पहुंच गए। यहां पूरे मामले को फर्जी बताए जाने पर आवेदकों ने जमकर हंगामा किया। कार्यक्रम अधिकारी ने इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दी है।
विज्ञापन
दिल्ली की एक संस्था ने हाल ही में विभिन्न रिक्त पदों की जानकारी देते हुए शहर में तमाम जगह पंफलेट बंटवाए। इसके लिए कई केंद्रों पर आवेदन फार्म भी उपलब्ध करा दिए गए। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के रिक्त पदों का भी उल्लेख किया गया था। इसी के साथ इसमें सहायिका और सुपरवाइजर के रिक्त पदों और योग्यता का भी उल्लेख था।
विज्ञापन
जानकारी होते ही लोगों ने आवेदन करना प्रारंभ कर दिया। फार्म में प्रति आवेदन 200 रुपये का ड्राफ्ट या फिर पोस्टल आर्डर डायरेक्टर डीआईटीआर डी-70 नाथू कालोनी, स्कूल ब्लाक, नियर रेलवे क्रासिंग, फ्लाई ओवर पिलर नंबर 13 शहादरा नई दिल्ली के नाम भेजने की बात कही गई थी।
विज्ञापन
बताते हैं कि गुरुवार को कुछ आवेदक इसकी विस्तृत जानकारी के लिए कार्यक्रम अधिकारी के यहां पहुंच गए। यहां पहुंच कर उन्होंने डीपीओ दुर्गेश प्रताप सिंह से संपर्क किया गया। श्री सिंह ने ऐसे किसी प्रकार के आवेदन निकलने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। आवेदकों के कहने पर उन्होंने इस बाबत उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। इस पर उन्हें बताया गया कि विभाग की तरफ से ऐसी कोई विज्ञप्ति नहीं निकाली गई।
जानकारी करने के बाद श्री सिंह ने आवेदकों को बताया कि यह पूरा मामला फर्जी है। उन्होंने बताया कि संस्था के पंफलेट में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ में एक साथ एक ही अंतिम तिथि घोषित की गई है जो पूरी तरह से असंभव है।
सरकारी विज्ञापनों में विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग अंतिम तिथि दी जाती है। इसके अलावा नियुक्ति के बाद लोगों को सीधे केंद्रों पर भेज दिया जाता है, जबकि इस आवेदन में दो माह के प्रशिक्षण की बात कही गई है। यही नहीं विभाग द्वारा इस प्रकार के आवेदनों का कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता जबकि इसमें 200 रुपये शुल्क भेजने की बात कही गई है।
पूरी जानकारी मिलने के बाद आवेदकों ने इस फर्जीवाड़े पर हंगामा किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि फर्जी ढंग से आवेदन निकाले जाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से आवेदन न करने को कहा है।