{"_id":"67daf9ccf6136cc81f0f1286","slug":"sumedha-is-shaping-the-future-of-players-by-making-them-athletes-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1008-131388-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: खिलाड़ियों में एथलीट बनाकर भविष्य संवार रहीं सुमेधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: खिलाड़ियों में एथलीट बनाकर भविष्य संवार रहीं सुमेधा
Wed, 19 Mar 2025 10:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 19 Mar 2025 10:37 PM IST
विज्ञापन
सुमेधा
अंबेडकरनगर। सामान्य परिवार में पली बढ़ी सुमेधा यादव मूल रूप से वाराणसी की रहने वालीं हैं। इस समय वह अकबरपुर के एकलव्य स्पोर्ट स्टेडियम में बतौर एथलेटिक्स कोच रूप में काम कर रहीं हैं। निजी स्कूल में इनकी मां आशा यादव शिक्षण कार्य करतीं हैं। परिवार के सामने बहुत सी दुश्वारियां रहीं, लेकिन सुमेधा ने हार नहीं मानी। वह अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहतीं थीं। आज वह बतौर कोच 35 से 40 खिलाड़ियों को निखार रहीं हैं।
वाराणसी के छोटे से गांव सिमरापुर सोनिया की रहने वाली सुमेधा ने बीपीएड के साथ शार्ट डिप्लोमा किया है। दो वर्ष पहले खेलो इंडिया की ओर से इन्हें यहां का एथलेटिक्स कोच बनाया गया। इससे पहले वह सिविल सेवा की तैयारी कर रहीं थीं, लेकिन खेल को कभी नहीं छोड़ा और वह लगातार इससे जुड़ी रहीं।
आज वह जिले में एथलेटिक्स की नर्सरी तैयार कर रहीं हैं। इनकी देखरेख में दो बच्चे नेशनल खेलने गए और चार बच्चे अलग-अलग स्टेट में खेली जा रही प्रतियाेगिताओं में जीत दर्ज चुके हैं। सुमेधा ने बताया कि वह चाहतीं हैं कि एथलेटिक्स को लेकर लोग आगे आएं। इसमें बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने खुद सीनियर नेशनल, जूनियर नेशनल, सीनियर ओपेन स्टेट व ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में अपनी खेल को लोहा मनवाया है। सुमेधा का कहना है कि अगर कोई मेहनत और परिश्रम करेगा तो उसे सफलता जरूर मिलती हे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी के छोटे से गांव सिमरापुर सोनिया की रहने वाली सुमेधा ने बीपीएड के साथ शार्ट डिप्लोमा किया है। दो वर्ष पहले खेलो इंडिया की ओर से इन्हें यहां का एथलेटिक्स कोच बनाया गया। इससे पहले वह सिविल सेवा की तैयारी कर रहीं थीं, लेकिन खेल को कभी नहीं छोड़ा और वह लगातार इससे जुड़ी रहीं।
विज्ञापन
आज वह जिले में एथलेटिक्स की नर्सरी तैयार कर रहीं हैं। इनकी देखरेख में दो बच्चे नेशनल खेलने गए और चार बच्चे अलग-अलग स्टेट में खेली जा रही प्रतियाेगिताओं में जीत दर्ज चुके हैं। सुमेधा ने बताया कि वह चाहतीं हैं कि एथलेटिक्स को लेकर लोग आगे आएं। इसमें बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने खुद सीनियर नेशनल, जूनियर नेशनल, सीनियर ओपेन स्टेट व ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में अपनी खेल को लोहा मनवाया है। सुमेधा का कहना है कि अगर कोई मेहनत और परिश्रम करेगा तो उसे सफलता जरूर मिलती हे।
विज्ञापन