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ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर तहसील में एसडीएम को तमसा नदी पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई रोके जाने की मांग को ल?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तमसा नदी को अतिक्रमण मुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही राहत दिलाने की मांग उठने लगी है। मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनिल मिश्र के नेेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम सदर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि नदी के किनारे स्थित भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए जो प्रक्रिया प्रारंभ हुई है, उस पर रोक लगाई जानी चाहिए। इससे तमाम परिवार बेघर हो जाएंगे। नागरिकों के हित को देखते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
शासन ने जिम्मेदारों को नदियों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बीते दिनों ही डीएम सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर एसडीएम सदर पवन जायसवाल ने ईओ अकबरपुर नगर पालिका परिषद व तहसीलदार को पत्र भेजकर नदी के तट पर अतिक्रमण को चिह्नित कर रिपोर्ट 27 अप्रैल की शाम साढ़े 5 बजे तक सौंपने को कहा था। इस बीच सोमवार से ही दो टीमों ने नदी की भूमि पर निर्माण चिह्नित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया। इस बीच मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर पवन कुमार जायसवाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
अनिल ने कहा कि नदी के किनारे लंबे समय से लोग परिवार के साथ रह रहे हैं। ऐसे घरों में दिव्यांग और बुजुर्ग भी हैं। ऐसे में घर व भवन को ध्वस्त करना कतई उचित नहीं है। कहा कि जब से भवनों को ध्वस्त किए जाने की बातें सामने आई हैं, तब से तमाम ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अन्न व जल त्याग दिया है। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि उनका घर ध्वस्त कर दिया गया, तो वे कहां रहेंगे और कहां जाएंगे। ऐसे में आमजन के हित को देखते हुए ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
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एसडीएम से कहा गया कि ऐसे तमाम नागरिक हैं, जिनका अधिकृत नक्शा तक नगर पालिका से पास है। ऐसे में कोई भी कार्रवाई अन्याय ही होगी। प्रशासन को यह भी सुझाव दिया गया कि आम लोगों को बेघर करने या उनकी गाढ़ी कमाई को नुकसान पहुंचाने की बजाय तमसा को गहरा कराने व नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें लगातार जन सहयोग लिया जाए, जिसके लिए सभी तैयार हैं। इस मौके पर राजेंद्र तिवारी, सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अख्तर जमाल, मनोज दुबे, अनिल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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शासन ने जिम्मेदारों को नदियों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बीते दिनों ही डीएम सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर एसडीएम सदर पवन जायसवाल ने ईओ अकबरपुर नगर पालिका परिषद व तहसीलदार को पत्र भेजकर नदी के तट पर अतिक्रमण को चिह्नित कर रिपोर्ट 27 अप्रैल की शाम साढ़े 5 बजे तक सौंपने को कहा था। इस बीच सोमवार से ही दो टीमों ने नदी की भूमि पर निर्माण चिह्नित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया। इस बीच मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर पवन कुमार जायसवाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
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अनिल ने कहा कि नदी के किनारे लंबे समय से लोग परिवार के साथ रह रहे हैं। ऐसे घरों में दिव्यांग और बुजुर्ग भी हैं। ऐसे में घर व भवन को ध्वस्त करना कतई उचित नहीं है। कहा कि जब से भवनों को ध्वस्त किए जाने की बातें सामने आई हैं, तब से तमाम ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अन्न व जल त्याग दिया है। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि उनका घर ध्वस्त कर दिया गया, तो वे कहां रहेंगे और कहां जाएंगे। ऐसे में आमजन के हित को देखते हुए ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
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एसडीएम से कहा गया कि ऐसे तमाम नागरिक हैं, जिनका अधिकृत नक्शा तक नगर पालिका से पास है। ऐसे में कोई भी कार्रवाई अन्याय ही होगी। प्रशासन को यह भी सुझाव दिया गया कि आम लोगों को बेघर करने या उनकी गाढ़ी कमाई को नुकसान पहुंचाने की बजाय तमसा को गहरा कराने व नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें लगातार जन सहयोग लिया जाए, जिसके लिए सभी तैयार हैं। इस मौके पर राजेंद्र तिवारी, सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अख्तर जमाल, मनोज दुबे, अनिल तिवारी आदि मौजूद रहे।