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खतरे के निशान से अभी भी 33 सेमी. ऊपर बह रही सरयू
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टांडा/राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को भी खतरे के निशान से 33 सेमी. ऊपर बहता रहा। टांडा नगर के सभी इलाकों से पानी लगभग हट जाने के चलते जहां बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है वहीं पावरलूमों का संचालन भी शुरू हो गया है।
टांडा व आलापुर के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की मुश्किलें अभी भी बरकरार है। पानी घटने के साथ ही गांवों में कीचड़ आदि की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने रविवार को भी दोनों तहसीलों में राशन सामग्री के साथ ही दवाओं व भोजन का वितरण कराया।
खतरे के निशान से 125 सेमी. ऊपर पहुंचने के बाद सरयू का पानी तेजी से घट रहा है। हालांकि रविवार शाम चार बजे भी पानी खतरे के निशान से 33 सेमी. ऊपर था। टांडा नगर के कई मोहल्लों में रविवार तक पानी लगभग पूरी तरह हट गया। इससे बंद पड़े लगभग पांच हजार पावरलूमों की खटरपटर फिर से शुरू हो गई है।
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नगर क्षेत्र से पानी हट जाने पर आधा दर्जन मोहल्लों में रविवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। इस बीच टांडा तहसील क्षेत्र के माझा व अन्य गांवों में अभी भी बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। पानी कम होना तो शुरू हुआ है लेकिन इससे जगह- जगह कीचड़ व दलदल की स्थिति बन गई है। किसान बर्बाद हो गई फसलों को लेकर सबसे ज्यादा परेशान हैं।
टांडा से लेकर आलापुर तक एक हजार बीघा क्षेत्रफल में लगी फसलें चौपट हो चुकी हैं। आलापुर तहसील क्षेत्र में पानी घटने के बाद अब खेतों में कीचड़ दिखाई पड़ रहा है। फसलों की बर्बादी का मंजर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। टांडा व आलापुर के करीब एक दर्जन गांवों के लिए रविवार को भी नाव चलती रही।
डीएम सैमुअल पॉल एन रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माझा उल्टहवा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। ग्रामीणों से अपील की कि वे अभी कुछ दिन तक पानी को गर्म करने के बाद ही पीएं। प्रदूषित पानी पीने से दिक्कतें हो सकती हैं।
ग्रामीणों को बताया कि सभी तरह की दवाएं मौजूद हैं। उनका वितरण किया जा रहा है। पशुओं के लिए हरा चारा व भूसा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सभी इंतजाम का निर्देश देते हुए डीएम ने ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंनेने ग्रामीणों के लिए भोजन के प्रबंधों का भी जायजा लिया।
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टांडा व आलापुर के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की मुश्किलें अभी भी बरकरार है। पानी घटने के साथ ही गांवों में कीचड़ आदि की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने रविवार को भी दोनों तहसीलों में राशन सामग्री के साथ ही दवाओं व भोजन का वितरण कराया।
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खतरे के निशान से 125 सेमी. ऊपर पहुंचने के बाद सरयू का पानी तेजी से घट रहा है। हालांकि रविवार शाम चार बजे भी पानी खतरे के निशान से 33 सेमी. ऊपर था। टांडा नगर के कई मोहल्लों में रविवार तक पानी लगभग पूरी तरह हट गया। इससे बंद पड़े लगभग पांच हजार पावरलूमों की खटरपटर फिर से शुरू हो गई है।
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नगर क्षेत्र से पानी हट जाने पर आधा दर्जन मोहल्लों में रविवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। इस बीच टांडा तहसील क्षेत्र के माझा व अन्य गांवों में अभी भी बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। पानी कम होना तो शुरू हुआ है लेकिन इससे जगह- जगह कीचड़ व दलदल की स्थिति बन गई है। किसान बर्बाद हो गई फसलों को लेकर सबसे ज्यादा परेशान हैं।
टांडा से लेकर आलापुर तक एक हजार बीघा क्षेत्रफल में लगी फसलें चौपट हो चुकी हैं। आलापुर तहसील क्षेत्र में पानी घटने के बाद अब खेतों में कीचड़ दिखाई पड़ रहा है। फसलों की बर्बादी का मंजर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। टांडा व आलापुर के करीब एक दर्जन गांवों के लिए रविवार को भी नाव चलती रही।
डीएम सैमुअल पॉल एन रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माझा उल्टहवा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। ग्रामीणों से अपील की कि वे अभी कुछ दिन तक पानी को गर्म करने के बाद ही पीएं। प्रदूषित पानी पीने से दिक्कतें हो सकती हैं।
ग्रामीणों को बताया कि सभी तरह की दवाएं मौजूद हैं। उनका वितरण किया जा रहा है। पशुओं के लिए हरा चारा व भूसा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सभी इंतजाम का निर्देश देते हुए डीएम ने ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। उन्होंनेने ग्रामीणों के लिए भोजन के प्रबंधों का भी जायजा लिया।