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जल्द दूर होगी 303 मजरों की बिजली समस्या
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अंबेडकरनगर। जिले के 303 मजरों में रह रही साढ़े तीन लाख से अधिक आबादी के लिए खुशखबरी है। शीघ्र ही उन्हें बदतर विद्युत आपूर्ति से राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण सुधार योजना के तहत जिले के 303 मजरों में जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रथम चरण में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से जिले के 90 मजरों में जर्जर उपकरणों को बदले जाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। शासन से नामित एलएनटी कार्यदायी संस्था द्वारा तेजी से जर्जर उपकरणों को बदले जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ही जिले के अन्य मजरों में भी जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर कदम उठाया जा रहा है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को महज इसलिए सुचारु बिजली नहीं मिल रही, क्योंकि ज्यादातर विद्युत उपकरण जर्जर हो चुके हैं। न सिर्फ विद्युत खंभे, बल्कि तार भी जर्जर हो चुके हैं। नतीजा यह है कि हल्की हवा चलने पर ही यह उपकरण जवाब दे जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली नहीं मिल पाती है। इसके अलावा लो वोल्टेज की समस्या भी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने व सुचारु बिजली उपलब्ध कराने की मांग संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं द्वारा लगातार उठाई जा रही है।
इन समस्याओं को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण सुधार योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की घोषणा उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते दिनों की थी। योजना के तहत प्रथम चरण में एक हजार से अधिक आबादी वाले 303 मजरों का चयन योजना का लाभ दिलाने के लिए किया गया। योजना के तहत न सिर्फ जर्जर हो चुके विद्युत खंभों, बल्कि तार व अन्य उपकरणों को भी बदला जाना है। योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था एलएनटी को सौंपी गई। कार्यदायी संस्था के अनुसार प्रथम चरण में 303 मजरों में योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाएगा। योजना के तहत मौजूदा समय में 90 मजरों में जर्जर उपकरणों को लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बदले जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शीघ्र ही अन्य मजरों में भी योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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यहां प्रारंभ हुआ कार्य
कार्यदायी संस्था के अनुसार मौजूदा समय में चयनित 303 मजरों की तुलना में 90 मजरों में जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। इसमें बीबीपुर हुसैन, गौरा महमदपुर, पट्टी मोईनुद्दीनपुर, मुस्तफाबाद, डोडो, सुल्तानपुर, बहरामपुर, आसोपुर, मिल्कीपुर, मकोइया, मोहम्मदपुर मुसलमान, हंसवर, जैनुद्दीनपुर, फतेहनूरपुर, कटोखर, गोहिला, सैदपुर, हथिनाराज, ऊसरतारा, बिजली खास, गढ़वल, बलरामपुर आदि मजरों में तेजी से कार्य चल रहा है।
600 आबादी वाले मजरों का भी होगा चयन
कार्यदायी संस्था के अनुसार मौजूदा समय में जिन 303 मजरों का चयन योजना के तहत किया गया है, वह सभी मजरे एक हजार से अधिक आबादी वाले हैं। इन मजरों में योजना के तहत कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही शासन के दिशा निर्देशानुसार अब 600 आबादी वाले मजरों में योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। ऐसे में शासन की मंशानुसार 600 आबादी वाले मजरे के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही चयन का कार्य पूर्ण कर जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाने लगेगा।
शीघ्र ही सभी चयनित मजरों में पूर्ण होगा कार्य
उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण सुधार योजना के तहत एक हजार आबादी वाले 303 मजरों का चयन किया गया है। मौजूदा समय में 90 मजरों में 6 करोड़ रुपये की लागत से जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है। शीघ्र ही सभी चयनित मजरों में जर्जर हो चुके उपकरणों को बदल दिया जाएगा, जिससे संबंधित मजरों की लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक आबादी को सुचारु बिजली मिल सके।
-अंकित श्रीवास्तव, असिस्टेंट मैनेजर एलएनटी
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ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर कदम उठाया जा रहा है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को महज इसलिए सुचारु बिजली नहीं मिल रही, क्योंकि ज्यादातर विद्युत उपकरण जर्जर हो चुके हैं। न सिर्फ विद्युत खंभे, बल्कि तार भी जर्जर हो चुके हैं। नतीजा यह है कि हल्की हवा चलने पर ही यह उपकरण जवाब दे जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली नहीं मिल पाती है। इसके अलावा लो वोल्टेज की समस्या भी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने व सुचारु बिजली उपलब्ध कराने की मांग संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं द्वारा लगातार उठाई जा रही है।
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इन समस्याओं को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण सुधार योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की घोषणा उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते दिनों की थी। योजना के तहत प्रथम चरण में एक हजार से अधिक आबादी वाले 303 मजरों का चयन योजना का लाभ दिलाने के लिए किया गया। योजना के तहत न सिर्फ जर्जर हो चुके विद्युत खंभों, बल्कि तार व अन्य उपकरणों को भी बदला जाना है। योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था एलएनटी को सौंपी गई। कार्यदायी संस्था के अनुसार प्रथम चरण में 303 मजरों में योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाएगा। योजना के तहत मौजूदा समय में 90 मजरों में जर्जर उपकरणों को लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बदले जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शीघ्र ही अन्य मजरों में भी योजना के तहत जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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यहां प्रारंभ हुआ कार्य
कार्यदायी संस्था के अनुसार मौजूदा समय में चयनित 303 मजरों की तुलना में 90 मजरों में जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। इसमें बीबीपुर हुसैन, गौरा महमदपुर, पट्टी मोईनुद्दीनपुर, मुस्तफाबाद, डोडो, सुल्तानपुर, बहरामपुर, आसोपुर, मिल्कीपुर, मकोइया, मोहम्मदपुर मुसलमान, हंसवर, जैनुद्दीनपुर, फतेहनूरपुर, कटोखर, गोहिला, सैदपुर, हथिनाराज, ऊसरतारा, बिजली खास, गढ़वल, बलरामपुर आदि मजरों में तेजी से कार्य चल रहा है।
600 आबादी वाले मजरों का भी होगा चयन
कार्यदायी संस्था के अनुसार मौजूदा समय में जिन 303 मजरों का चयन योजना के तहत किया गया है, वह सभी मजरे एक हजार से अधिक आबादी वाले हैं। इन मजरों में योजना के तहत कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही शासन के दिशा निर्देशानुसार अब 600 आबादी वाले मजरों में योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। ऐसे में शासन की मंशानुसार 600 आबादी वाले मजरे के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही चयन का कार्य पूर्ण कर जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाने लगेगा।
शीघ्र ही सभी चयनित मजरों में पूर्ण होगा कार्य
उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण सुधार योजना के तहत एक हजार आबादी वाले 303 मजरों का चयन किया गया है। मौजूदा समय में 90 मजरों में 6 करोड़ रुपये की लागत से जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने का कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है। शीघ्र ही सभी चयनित मजरों में जर्जर हो चुके उपकरणों को बदल दिया जाएगा, जिससे संबंधित मजरों की लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक आबादी को सुचारु बिजली मिल सके।
-अंकित श्रीवास्तव, असिस्टेंट मैनेजर एलएनटी