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Ambedkar Nagar News: जल्द चारदीवारी में सुरक्षित हो जाएंगे 135 स्कूलों के बच्चे

Mon, 05 Jun 2023 11:13 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jun 2023 11:13 PM IST
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Soon the children of 135 schools will be safe in the boundary wall
अंबेडकरनगर। चारदीवारी से वंचित जिले के 360 परिषदीय विद्यालयों में से 135 स्कूलों में जल्द ही इसका निर्माण होगा। मनरेगा योजना के तहत होने वाले निर्माण से संबंधित विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 15 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। शासन ने मनरेगा उपायुक्त को एक पखवाड़े के अंदर चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराए जाने का निर्देश दिया है।
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बगैर चारदीवारी वाले परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहने वाले अभिभावकों की चिंता दूर होने वाली है। शासन ने ऐसे सभी परिषदीय विद्यालयों में चारदीवारी का निर्माण करने का निर्णय लिया है। मालूम हो कि जिले में 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
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इसमें 360 परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं जहां बाउंड्रीवॉल नहीं है। शासन ने प्रथम चरण में 135 विद्यालयों में चारदीवारी के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है। बीएसए कार्यालय के अनुसार मनरेगा योजना के तहत चयनित विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में शासन ने मनरेगा उपायुक्त को 15 दिन के अंदर निर्माण प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। संबंधित विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल के निर्माण से लगभग 15 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। दरअसल बाउंड्रीवॉल न होने से अक्सर छुट्टा जानवर परिसर में पहुंच जाते हैं जिससे शिक्षण कार्य जहां प्रभावित होता है तो वहीं छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को भी लेकर भी चिंता बनी रहती है।
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बाउंड्रीवॉल से बढ़ेगी बच्चों की सुरक्षा

स्थान-प्राथमिक विद्यालय कटरिया सम्मनपुर
लगभग 100 वर्ष पुराने इस विद्यालय में अब तक बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हो सका है। इस विद्यालय में मौजूदा समय में 40 छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अक्सर शिक्षण कार्य के बीच छुट्टा जानवर परिसर में पहुंच जाते हैं जिससे समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने कहा कि बाउंड्रीवॉल के निर्माण से छात्र-छात्राएं पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे।


भोजन के समय आ जाते मवेशी
स्थान-प्राथमिक विद्यालय टेमा की स्थापना वर्ष 2004 में गई थी। मौजूदा समय में 82 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। बाउंड्रीवॉल न होने से वैसे तो हर वक्त छुट्टा जानवरों के परिसर में पहुंचने का खतरा रहता है लेकिन दोपहर के भोजन के समय अक्सर मवेशी के आ जाने से दिक्कत खड़ी हो जाती है। प्रधानाध्यापक मुंतजिर मेहदी ने कहा कि बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए कई बार जिम्मेदारों को पत्र भेजा गया था। अब चारदीवारी बनने से दिक्कतें दूर हो जाएंगी।


जल्द शुरू होगा काम
प्रथम चरण में 135 परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण होना है। यह निर्माण मनरेगा योजना के तहत होगा। एक पखवाड़े के अंदर निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। - भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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