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कुछ लोगों को रास नहीं आ रही मेरी बढ़ती लोकप्रियता
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अंबेडकरनगर। कटेहरी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख माफिया सरगना अजय सिंह सिपाही ने सोमवार को छापे के बाद कहा कि कुछ लोगों को मेरी बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। कहा कि पिछले चुनाव में कुछ स्वार्थी नेताओं के विरोध के बीच जनता के स्नेह से मैं क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के साथ प्रमुख बनने में कामयाब रहा। उसी चुनाव में मेरी दादी कांती देवी भी बीडीसी सदस्य का चुनाव जीती थीं, जबकि मेरे भाई की पत्नी शालिनी सिंह भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने में सफल रही थीं।
अजय सिपाही ने कहा कि इस बार मेरे घर से कोई नहीं लड़ा। मैंने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़वाया और तब घर-घर जाकर जीत दर्ज करवाई, जब 41 सदस्यीय जिला पंचायत में बीजेपी से कुल दो सदस्य निर्वाचित हुए। मेरी सगी मामी उर्मिला सिंह निर्दल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतीं, जिन्हें मैंने ही बीजेपी में शामिल कराया। इससे बीजेपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
अजय सिपाही ने फेसबुक पोस्ट लगाकर कहा कि भाजपा के जिलाध्यक्ष मिथिलेश त्रिपाठी और पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा तो साफ नियत से पार्टी को मजबूत बनाने में लगे हैं, लेकिन अकबरपुर और कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के कुछ छोटे-बड़े नेताओं को मेरी लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। इनमें से कटेहरी का एक नेता मेरी हत्या तक की साजिश रच रहा है। उन्हें 2017 में मेरे द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ जाना नहीं पच रहा।
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पूर्व प्रमुख ने कहा कि जिनकी क्षमता अपने बूते एक ग्राम प्रधान का चुनाव जीत पाने की नहीं है वे सिर्फ साजिश और प्रपंच का सहारा लेकर आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। अजय ने पोस्ट में आम जनमानस से पूछा है कि आप सब मेरी गलती बताएं। मैंने कौन सा अपराध कर दिया है। कहा कि मैं अपने लोगों की जीत और उन्हें मजबूत बनाने के लिए विधिसम्मत ढंग से वह सब करूँगा जो बन पड़ेगा। ऐसे छापे मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते।
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अजय सिपाही ने कहा कि इस बार मेरे घर से कोई नहीं लड़ा। मैंने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़वाया और तब घर-घर जाकर जीत दर्ज करवाई, जब 41 सदस्यीय जिला पंचायत में बीजेपी से कुल दो सदस्य निर्वाचित हुए। मेरी सगी मामी उर्मिला सिंह निर्दल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतीं, जिन्हें मैंने ही बीजेपी में शामिल कराया। इससे बीजेपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
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अजय सिपाही ने फेसबुक पोस्ट लगाकर कहा कि भाजपा के जिलाध्यक्ष मिथिलेश त्रिपाठी और पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा तो साफ नियत से पार्टी को मजबूत बनाने में लगे हैं, लेकिन अकबरपुर और कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के कुछ छोटे-बड़े नेताओं को मेरी लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। इनमें से कटेहरी का एक नेता मेरी हत्या तक की साजिश रच रहा है। उन्हें 2017 में मेरे द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ जाना नहीं पच रहा।
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पूर्व प्रमुख ने कहा कि जिनकी क्षमता अपने बूते एक ग्राम प्रधान का चुनाव जीत पाने की नहीं है वे सिर्फ साजिश और प्रपंच का सहारा लेकर आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। अजय ने पोस्ट में आम जनमानस से पूछा है कि आप सब मेरी गलती बताएं। मैंने कौन सा अपराध कर दिया है। कहा कि मैं अपने लोगों की जीत और उन्हें मजबूत बनाने के लिए विधिसम्मत ढंग से वह सब करूँगा जो बन पड़ेगा। ऐसे छापे मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते।