फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Sita garlanded him as soon as the bow broke.

Ambedkar Nagar News: धनुष के टूटते ही सीता ने पहनाई वरमाला

Sun, 28 Sep 2025 10:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Sun, 28 Sep 2025 10:31 PM IST
विज्ञापन
Sita garlanded him as soon as the bow broke.
मंचन करते कलाकार।
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के इल्तिफातगंज मार्ग स्थित हनुमान मंदिर के निकट आयोजित रामलीला में सोमवार रात कलाकारों ने सीता स्वयंवर व रावण-बाणासुर संवाद का मंचन किया। मिथिला नरेश जनक के आमंत्रण पर भगवान राम और लक्ष्मण जब स्वयंवर में पहुंचे, तो उनके दिव्य तेज और सौंदर्य ने सभा में उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन

स्वयंवर में लंकापति रावण बिना निमंत्रण के प्रवेश करता है। बाणासुर के परिचय पूछे जाने पर रावण क्रोधित हो उठता है और जनक पर आपत्ति जताता है। रावण के तीखे शब्द और बाणासुर की चतुराई ने मंचन को और प्रभावशाली बनाया।
विज्ञापन


रावण का कथन कि यदि जनक ने समुद्र में पत्र भेजा होता तो समुद्र भी उसे नहीं रोक पाता, दर्शकों के लिए नाटकीय उत्साह का केंद्र रहा। स्वयंवर में अन्य राजाओं का शिवधनुष को तोड़ने का प्रयास विफल रहा। अंतत: भगवान श्रीराम ने शांत और संयमित ढंग से धनुष उठाया और उसे खंडित कर दिया। धनुष टूटते ही माता सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, संवाद, गीत-संगीत और भावाभिनय के माध्यम से कथा को जीवंत किया।
श्रीरामलीला संचालक सांस्कृतिक मंडल के अध्यक्ष संजय चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष अभिजीत चतुर्वेदी रवि, मंत्री सर्वेश कुमार पांडेय व व्यवस्थापक किशन यादव उपस्थित रहे।अकबरपुर के जुुड़वा कस्बे शहजादपुर में स्थित 121 वर्ष पुरानी रामलीला में भी रावण-बाणासुर संवाद और सीता स्वयंवर का मंचन हुआ।

दर्शकों ने देखा रामकथा का अनुपम रूप : लालपुर। श्रीरामलीला सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार को दर्शकों को रामकथा की भक्ति में डुबो दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजन-अर्चन व दीप प्रज्वलन से हुई। आचार्य रामदौर मिश्र के वैदिक मंत्रों के उच्चारण ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। श्रीराम-केवट संवाद और चित्रकूट में भरत-राम मिलाप जैसे प्रमुख प्रसंग दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।


मुख्य भूमिकाओं में शाश्वत दुबे (श्रीराम), रौनक दुबे (लक्ष्मण), विकास उपाध्याय (भरत) ने अपनी अभिनय क्षमता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। आरती और जयकारों के दौरान संजीव मिश्र, रामचंद्र जायसवाल, आदित्य मिश्र, राधेश्याम शुक्ल, विकास निषाद, केशव श्रीवास्तव सहित अन्य कलाकारों ने भक्ति भाव का संचार किया। पंचवटी में निकाली गई झांकी और मानस गंगा की कथा वाचन ने रामलीला के कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed