श्रीराम-केवट प्रसंग देखकर भावविभोर हुए दर्शक

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 11:27 PM IST
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अंबेडकरनगर के बहोरिकपुर में चल रही रामलीला में मंचन करते कलाकार
अंबेडकरनगर के बहोरिकपुर में चल रही रामलीला में मंचन करते कलाकार - फोटो : AMBEDKAR NAGAR

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अंबेडकरनगर। श्रीरामलीला समिति बहोरिकपुर के कलाकारों ने शुक्रवार शाम भी विभिन्न लीलाओं का मंचन किया। आयोजन के तीसरे दिन श्रीराम वनगमन, श्रीराम-केवट संवाद व भरत-मिलाप का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए। राम वनगमन तीसरे दिन के मंचन का केंद्र रहा। भगवान श्रीराम, माता सीता व लक्ष्मण के वनगमन के दौरान अयोध्यावासियों को द्रवित देख दर्शक भावविभोर हो गए।
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मंचन के तीसरे दिन के शुभारंभ से पहले मां दुर्गा की भव्य आरती की गई। लीला संचालक प्रदीप श्रीवास्तव व भूपेंद्र मोहन श्रीवास्तव आदि ने आरती उतार समाज में सुख शांति की कामना की। पहले दृश्य में दिखाया जाता है कि राजा दशरथ दर्पण में अपने मुख को निहारते हैं। इस दौरान उन्हें महसूस होता है कि अब राज्य का कार्यभार उन्हें राम को सौंप देना चाहिए। इस बारे में वे मंत्रियों को बुलवाते हैं और उनके समक्ष राम के राज्याभिषेक का प्रस्ताव रखते हैं।
यह प्रस्ताव सुन सभी मंत्री गदगद हो जाते हैं और महाराज दशरथ के प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। राजा दशरथ के आदेश पर पूरे अयोध्या में राम के राज्याभिषेक का ढिंढोरा पिटवा दिया जाता है। उधर इस बात की भनक जब दासी मंथरा को हुआ तो वे दशरथ के निर्णय से नाखुश हो गई। आननफानन में वह महारानी कैकेयी के पास पहुंचती है और उन्हें अपनी कुटिल चाल के जरिए भरमाती है।
कहती है कि यदि राम का राज्याभिषेक हो गया तो भरत का क्या होगा। रानी कैकेयी मंथरा के कुटिल चाल में फंसकर महाराज के निर्णय से रुष्ट हो जाती हैं और कोपभवन में चली जाती हैं। बाद में वे महाराज दशरथ से राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास तथा भरत को अयोध्या का राजा घोषित कराने की मांग पर अड़ जाती हैं।
दूसरे दृश्य में भगवान राम को जब इस बात का पता चलता है तो वे सहर्ष वन में जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लेते हैं। कैकेयी के इस निर्णय को सुन अयोध्यावासियों की खुशियों पर मानो ग्रहण लग गया हो। सभी के मन में निराशा का भाव पनपने लगता है। उधर, सीता व लक्ष्मण के साथ भगवान राम वन के लिए प्रस्थान करते हैं, जहां अयोध्यावासी उनका रास्ता रोकते हैं। भगवान श्रीराम के प्रति अयोध्यावासियों का यह प्रेम देखकर दर्शक भावुक हो गए।
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