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कुपोषित बच्चों के लिए बनेगा अलग वार्ड
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2015 11:45 PM IST
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खास बात यह कि दवा एवं भोजन नि:शुल्क देने के साथ ही प्रतिदिन की दर से 100 रुपए का दैनिक भत्ता भी पीड़ित बच्चे की मां को मिलेगा।
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इस योजना से निश्चित तौर पर बच्चों का कुपोषण दूर करने में प्रशासन को खासी सफलता मिलेगी। कुपोषित बच्चों की कुल संख्या जिले में 86 हजार से अधिक है। ऐसे में इसका सीधा लाभ इन बच्चों को अलग अलग समय पर मिल सकेगा। गौरतलब है कि बच्चों के बीच जिले में कुपोषण का संकट तेजी से बढ़ा है। कुपोषण रोकने के लिए बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना भी लगातार चलायी जा रही है।
इसमें चिकित्सकों की टीम परिषदीय विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती है। बीते दिनों चले इस अभियान में 86 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित पाए गए थे। इसमें कुपोषित बच्चों की संख्या 65 हजार के करीब है, जबकि अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 21 हजार 152 पायी गई।
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खास बात यह कि यह अभियान सभी विद्यालयों व केन्द्रों में नहीं चल पाया था, अन्यथा यह संख्या एक लाख को भी पार कर सकती है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को पुष्टाहार दिए जाने का मामला सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में था। लगभग एक लाख बच्चों के कुपोषित पाए जाने पर कई स्वयंसेवी संस्थाओं व गणमान्य नागरिकों ने गहरी चिंता जतायी थी।
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इस बीच अब स्वास्थ्य महकमे ने कुपोषित बच्चों की सेहत दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ऐसे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए अब जिला अस्पताल में अलग से 10 बेड का वार्ड स्थापित किया जाएगा। इसमें सिर्फ कुपोषित बच्चों का इलाज होगा।
इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कुपोषित बच्चों के इलाज को लेकर उनके अभिभावकों में रुचि आ सके, इसके लिए उन्हें प्रतिदिन 100 रुपए की दर से भत्ता दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा दवाएं तो नि:शुल्क रहेंगी ही।
साथ में भर्ती होने वाले बच्चे के अलावा उसकी मां को भी मुफ्त में भोजन दिया जाएगा। सीएमओ मेजर डॉ बीपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है। इसका जल्द से जल्द पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों का कुपोषण दूर किया जा सके।