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छह साल में भी नहीं बन सका विद्यालय
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अंबेडकरनगर। छह वर्ष की लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी 24 करोड़ रुपये की लागत वाले आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण अधूरा पड़ा है। वर्ष 2016 में विद्यालय का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन इन दिनों धनाभाव में निर्माण कार्य ठप है। अब तक सिर्फ नौ करोड़ रुपये ही विद्यालय निर्माण के लिए निर्गत हो पाए हैं। मुख्य भवन व बाउंड्रीवाल को छोड़कर आवासीय व डॉरमेट्री हाल जैसे महत्वपूर्ण भवन का निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ ही नहीं हो सका है। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी विद्यालय का संचालन न होने से छात्राओं व उनके अभिभावकों को तगड़ा झटका लगा है। अभी भी यह तस्वीर स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण आवासीय विद्यालय का निर्माण कब तक पूरा हो पाएगा।
छात्राओं को बेहतर आवासीय शिक्षा दिलाने के लिए वर्ष 2016 में शासन ने भीटी तहसील क्षेत्र के प्रतापपुर चमुर्खा में आश्रम पद्धति विद्यालय के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। 24 करोड़ रुपये की लागत वाले विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम को सौंपी गई। कुल 9 करोड़ रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई। विद्यालय का निर्माण शुरू होने के साथ ही उसका नाम बदलकर जयप्रकाश नरायन सर्वोदय विद्यालय कर दिया गया।
जून 2022 तक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का निर्देश कार्यदायी संस्था को शासन ने दिया था, लेकिन अब तक लक्ष्य कोसों दूर है। मौजूदा समय में लगभग 50 प्रतिशत ही निर्माण हो सका है। इसके लिए धनाभाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। छह वर्ष की लंबी अवधि बीते जाने के बाद मौजूदा समय में मुख्य भवन व बाउंड्रीवाल का ही निर्माण हो सका है। मुख्य भवन लगभग 90 प्रतिशत बनकर तैयार है, लेकिन आवासीय भवन, डारमेट्री भवन का निर्माण कार्य तो अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। अवर अभियंता रामअवध ने बताया कि धनाभाव के चलते ही निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ रही है। मात्र 9 करोड़ रुपये ही अब तक कार्यदायी संस्था को मिले हैं। इसी का नतीजा है कि गत 30 मार्च से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप है।
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लोग बोले, स्कूल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए
विद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से तमाम अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इंटरमीडिएट तक होने वाली पढ़ाई को लेकर अभिभावकों को खुशी थी कि अब उन्हें अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। हालांकि समय के साथ ही उनके सपनों को झटका लगना शुरू हो गया। क्षेत्र के रामउजागिर व घनश्याम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का निर्माण कब पूरा होगा और कब संचालन प्रारंभ होगा, इसे बताने वाला कोई नहीं है। छात्राओं के हित को देखते हुए विद्यालय का निर्माण अविलंब पूरा कराया जाए और संचालन प्रारंभ कराया जाए। कई अन्य अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय का निर्माण जल्द पूरा करने की तरफ किसी को ध्यान ही नहीं है। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है।
रकम मिलते ही शुरू होगा कार्य
24 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले स्कूल भवन के निर्माण के लिए मात्र 9 करोड़ रुपये मिले हैं। धनाभाव के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। धन की उपलब्धता के साथ ही निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-अश्विनी कुमार, अधिशाषी अभियंता समाज कल्याण
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छात्राओं को बेहतर आवासीय शिक्षा दिलाने के लिए वर्ष 2016 में शासन ने भीटी तहसील क्षेत्र के प्रतापपुर चमुर्खा में आश्रम पद्धति विद्यालय के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। 24 करोड़ रुपये की लागत वाले विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम को सौंपी गई। कुल 9 करोड़ रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई। विद्यालय का निर्माण शुरू होने के साथ ही उसका नाम बदलकर जयप्रकाश नरायन सर्वोदय विद्यालय कर दिया गया।
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जून 2022 तक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का निर्देश कार्यदायी संस्था को शासन ने दिया था, लेकिन अब तक लक्ष्य कोसों दूर है। मौजूदा समय में लगभग 50 प्रतिशत ही निर्माण हो सका है। इसके लिए धनाभाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। छह वर्ष की लंबी अवधि बीते जाने के बाद मौजूदा समय में मुख्य भवन व बाउंड्रीवाल का ही निर्माण हो सका है। मुख्य भवन लगभग 90 प्रतिशत बनकर तैयार है, लेकिन आवासीय भवन, डारमेट्री भवन का निर्माण कार्य तो अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। अवर अभियंता रामअवध ने बताया कि धनाभाव के चलते ही निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ रही है। मात्र 9 करोड़ रुपये ही अब तक कार्यदायी संस्था को मिले हैं। इसी का नतीजा है कि गत 30 मार्च से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप है।
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लोग बोले, स्कूल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए
विद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से तमाम अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इंटरमीडिएट तक होने वाली पढ़ाई को लेकर अभिभावकों को खुशी थी कि अब उन्हें अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। हालांकि समय के साथ ही उनके सपनों को झटका लगना शुरू हो गया। क्षेत्र के रामउजागिर व घनश्याम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का निर्माण कब पूरा होगा और कब संचालन प्रारंभ होगा, इसे बताने वाला कोई नहीं है। छात्राओं के हित को देखते हुए विद्यालय का निर्माण अविलंब पूरा कराया जाए और संचालन प्रारंभ कराया जाए। कई अन्य अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय का निर्माण जल्द पूरा करने की तरफ किसी को ध्यान ही नहीं है। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है।
रकम मिलते ही शुरू होगा कार्य
24 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले स्कूल भवन के निर्माण के लिए मात्र 9 करोड़ रुपये मिले हैं। धनाभाव के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। धन की उपलब्धता के साथ ही निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-अश्विनी कुमार, अधिशाषी अभियंता समाज कल्याण