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Ambedkar Nagar News: 24 घंटे में 57 सेंटीमीटर बढ़ा सरयू का जलस्तर, कटान तेज, तटीय गांवों में बढ़ी चिंता
Tue, 21 Jul 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:55 PM IST
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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में इटौरा ढोलीपुर गांव के पूरब सरजू नदी के किनारे हुई कटान।संवाद
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने आलापुर तहसील क्षेत्र में एक बार फिर सरयू नदी का जलस्तर बढ़ाना शुरू कर दिया है। बढ़ते जलस्तर ने मंगलवार को और रफ्तार पकड़ ली। महज 24 घंटे में नदी का जलस्तर 57 सेंटीमीटर बढ़कर 83.45 मीटर से 84.02 मीटर पर पहुंच गया। इससे कटान तेज हो गया है और नदी का पानी एक बार फिर निचले इलाकों में फैलने लगा है। ऐसे में किसानों व ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बीते दो दिनों में जलस्तर में कुल 87 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज होने से मांझा क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब हर घंटे नदी के बदलते मिजाज पर टिकी हैं। मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा और इटौरा ढोलीपुर के आसपास नदी किनारे कटान तेज हो रहा है। इटौरा ढोलीपुर के पूर्वी हिस्से में नदी धीरे-धीरे खेतों को काट रही है। धान की रोपाई के बीच बढ़ती कटान किसानों के लिए दोहरी चिंता बन गई है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.54 मीटर नीचे बह रही है और किसी गांव तक पानी नहीं पहुंचा है, फिर भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित स्थलों पर पहले समतलीकरण कराया जा रहा है और अब बंबू क्रेट लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
मवेशियों व जरूरी सामान की सुरक्षा की चिंता
ग्रामीण राजेश निषाद, पतिराम, मंशा, सुरेश, रामचंदर का कहना है कि अभी पानी गांवों तक नहीं पहुंचा है लेकिन नदी का रुख देखकर आशंका बढ़ गई है। यदि बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क होने लगे हैं।
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जलस्तर में हुई वृद्धि
बाढ़ खंड के जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जहां कटान हो रहा है, वहां बंबू क्रेट लगाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
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बीते दो दिनों में जलस्तर में कुल 87 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज होने से मांझा क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब हर घंटे नदी के बदलते मिजाज पर टिकी हैं। मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा और इटौरा ढोलीपुर के आसपास नदी किनारे कटान तेज हो रहा है। इटौरा ढोलीपुर के पूर्वी हिस्से में नदी धीरे-धीरे खेतों को काट रही है। धान की रोपाई के बीच बढ़ती कटान किसानों के लिए दोहरी चिंता बन गई है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.54 मीटर नीचे बह रही है और किसी गांव तक पानी नहीं पहुंचा है, फिर भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित स्थलों पर पहले समतलीकरण कराया जा रहा है और अब बंबू क्रेट लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
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मवेशियों व जरूरी सामान की सुरक्षा की चिंता
ग्रामीण राजेश निषाद, पतिराम, मंशा, सुरेश, रामचंदर का कहना है कि अभी पानी गांवों तक नहीं पहुंचा है लेकिन नदी का रुख देखकर आशंका बढ़ गई है। यदि बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क होने लगे हैं।
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जलस्तर में हुई वृद्धि
बाढ़ खंड के जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जहां कटान हो रहा है, वहां बंबू क्रेट लगाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।