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लाल निशान से 27.5 सेंमी. ऊपर सरयू
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:17 PM IST
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अंबेडकरनगर के टांडा में रविवार को जलस्तर के बढ़ने से उफनाई सरयू।
- फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार शाम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 27.5 सेंमी. ऊपर दर्ज किया गया। इससे माझा उलटहवा के तीन गांव जहां बाढ़ से घिर गए हैं, वहीं एक दर्जन गांव के अंदर पानी घुसने को आतुर है। इससे संबंधित गांवों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ से 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। जिस तरह जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे शीघ्र ही नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में भी पानी पहुंचने की आशंका है। इतना ही नहीं, माझा क्षेत्रों में हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है। उधर, प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है।
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गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच तीन दिनों से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंमी. ऊपर था तो शनिवार को बढ़कर 25.5 सेंमी. पर पहुंच गया। रविवार शाम चार बजे जलस्तर 93.01 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 27.5 सेंमी. ऊपर था।
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जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते माझा उलटहवा के तीन गांव जालिम का पूरा, दिलशेर का पूरा तथा बाबूराम का पूरा बाढ़ से घिर गए हैं। इससे संबंधित गांवों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है, लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, माझा अवसानपुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा चिंतौरा, माझा छज्जापुर, माझा डुहिया समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के करीब है। बाढ़ से माझा उलटहवा, माझा नैपुरा, माझा अवसानपुर समेत आधा दर्जन गांवों की 100 बीघा से अधिक की फसल जलमग्न हो गई है। साथ ही संबंधित गांवों में मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
माझा क्षेत्रों में लगे ज्यादातर हैंडपंपों से दूषित पानी निकलना शुरू हो गया है। इसके चलते संबंधित गांवों के लोगों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित गांवों के राजवीर, जगन्नाथ, मंगरू व प्रभाकर आदि ने कहा कि रविवार सुबह से ही हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। इससे शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
इसके अलावा बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों में विषैले जानवरों का भय भी व्याप्त हो गया है। उधर, लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी नौ बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। चौकियों पर कर्मचारियों की भी तैनाती कर दी गई है। एसडीएम प्रशांत ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवागमन के लिए 14 नावें उतारी गई हैं।
उधर, जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाली तमसा नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से एक तरफ जहां निकटवर्ती क्षेत्रों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने के करीब है, वहीं मिर्जापुर संपर्क मार्ग भी जलमग्न होने के निकट है। नई सड़क पर स्थित दुकानों के निचले भाग में बाढ़ का पानी पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है।
इसके अलावा तमसा मार्ग के निकट स्थित आधा दर्जन किसानों का लगभग पांच बीघा खेत जलमग्न हो गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों से तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी होने लगी हैं।
अकबरपुर रेलवे स्टेशन व गायत्री मंदिर के निकट स्थित घरों में नदी का पानी पहुंचने के करीब है। जिस तरह लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे शीघ्र ही बाढ़ का पानी घरों में पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा मिर्जापुर मार्ग व अकबरपुर रेलवे स्टेशन शहजादपुर मार्ग भी जलमग्न होने के निकट है।
तमसा मार्ग के निकट स्थित आधा दर्जन लोगों का लगभग पांच बीघा खेत भी डूब गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उधर, एडीएम रामसूरत पांडेय ने बताया कि जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।