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वादाखिलाफी पर भड़के रोजगार सेवक
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 25 Jun 2015 11:56 PM IST
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कहा कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि रोजगार सेवकों की मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
संघ अध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि लंबे समय से रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे पूरा करने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने का वादा किया था।
प्रदेश में सपा की सरकार बने तीन वर्ष से अधिक समय बीत गया, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। प्रत्येक बार सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है।
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इस तरफ गंभीरता से कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही रोजगार सेवकों की मांग को पूरा नहीं किया गया, तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि रोजगार सेवकों से कार्य तो लगातार लिया जाता है, लेकिन मानदेय भुगतान की सुध नहीं होती। उन्होंने बकाया मानदेय के अविलंब भुगतान की मांग की। साथ ही जिन रोजगार सेवकों को गलत ढंग से हटाया गया है, उन्हें पुन: कार्य पर लगाने एवं मानदेय वृद्धि की मांग की गई।
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संघ अध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि लंबे समय से रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे पूरा करने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने का वादा किया था।
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प्रदेश में सपा की सरकार बने तीन वर्ष से अधिक समय बीत गया, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। प्रत्येक बार सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है।
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इस तरफ गंभीरता से कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही रोजगार सेवकों की मांग को पूरा नहीं किया गया, तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि रोजगार सेवकों से कार्य तो लगातार लिया जाता है, लेकिन मानदेय भुगतान की सुध नहीं होती। उन्होंने बकाया मानदेय के अविलंब भुगतान की मांग की। साथ ही जिन रोजगार सेवकों को गलत ढंग से हटाया गया है, उन्हें पुन: कार्य पर लगाने एवं मानदेय वृद्धि की मांग की गई।