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धान खरीद में प्रतिबंधों में दी जाए ढील
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अंबेडकरनगर। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने धान खरीद में सार्टेक्स मशीन की अनिवार्यता समाप्त कर सभी 72 मिलों को धान खरीद के लिए संबद्ध किए जाने की मांग की है। शनिवार को खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय में हुई बैठक के दौरान राइस मिलरों ने प्रमुख सचिव खाद्य को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। इसमें कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए प्रतिबंधों में ढील दिए जाने पर जोर दिया गया।
राइस मिलर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन के जरिए कहा कि अंबेडकरनगर जिले में कुल 72 राइस मिलें स्थापित हैं। इनमें से सिर्फ 19 राइस मिलो में ही सार्टेक्स मशीन लगी है और उनकी भूमि प्रोपराइटर के नाम है। शेष 53 राइस मिलों में यह मशीन नहीं लगी है। प्रत्येक मिल में मशीन लगाने का खर्च 40 से 50 लाख रुपये के करीब है।
मशीन की बुकिंग करने पर लगभग दो माह बाद ही उपलब्धता हो पाएगी। इतने में लंबा समय बीत जाएगा जिससे किसानों के धान की खरीद में अड़चन आएगी। ऐसे में एक वर्ष के लिए इन प्रतिबंधों में ढील देते हुए सभी 72 राइस मिलों को धान कुटाई के लिए संबद्ध किया जाए।
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संगठन अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि, महामंत्री रामस्वरूप वर्मा आदि ने बैठक में सवाल उठाया कि राइस मिलरों को धान खरीद के लिए हैसियत प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू की गई है। यह प्रमाण पत्र बनने में कठिनाई आ रही है। इस तरफ भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए। पिछले लंबित बकायों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका भुगतान प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराया जाए।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश कुमार ने शासन की तरफ से लागू किए गए नये प्रावधानों से एक बार फिर अवगत कराते हुए उनका पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा। कहा कि धान खरीद में राइस मिलरों को पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ा रहना है। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन के जरिए कहा कि अंबेडकरनगर जिले में कुल 72 राइस मिलें स्थापित हैं। इनमें से सिर्फ 19 राइस मिलो में ही सार्टेक्स मशीन लगी है और उनकी भूमि प्रोपराइटर के नाम है। शेष 53 राइस मिलों में यह मशीन नहीं लगी है। प्रत्येक मिल में मशीन लगाने का खर्च 40 से 50 लाख रुपये के करीब है।
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मशीन की बुकिंग करने पर लगभग दो माह बाद ही उपलब्धता हो पाएगी। इतने में लंबा समय बीत जाएगा जिससे किसानों के धान की खरीद में अड़चन आएगी। ऐसे में एक वर्ष के लिए इन प्रतिबंधों में ढील देते हुए सभी 72 राइस मिलों को धान कुटाई के लिए संबद्ध किया जाए।
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संगठन अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि, महामंत्री रामस्वरूप वर्मा आदि ने बैठक में सवाल उठाया कि राइस मिलरों को धान खरीद के लिए हैसियत प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू की गई है। यह प्रमाण पत्र बनने में कठिनाई आ रही है। इस तरफ भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए। पिछले लंबित बकायों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका भुगतान प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराया जाए।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश कुमार ने शासन की तरफ से लागू किए गए नये प्रावधानों से एक बार फिर अवगत कराते हुए उनका पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा। कहा कि धान खरीद में राइस मिलरों को पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ा रहना है। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।