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अछूतों की सेवा से इंकार पर दे दिया था इस्तीफा

Thu, 12 Aug 2021 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:15 PM IST
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Resigned for refusal to serve untouchables
अंबेडकरनगर। आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. गणेश कृष्ण जेतली ने अछूतों की सेवा करने से मना करने पर बनारस के काशी मारवाड़ी अस्पताल में चिकित्सक की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। आजादी के बाद वे अकबरपुर के पहले विधायक भी निर्वाचित हुए। आजादी के दौरान उनके संघर्षों व योगदान को देखते हुए राज्य सरकार के संस्कृति विभाग ने अकबरपुर नगर में उनकी आदमकद प्रतिमा भी स्थापित कराई। डॉ. जेतली ने शिक्षा की अलख जगाने के लिए स्कूलों की स्थापना भी कराई।
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अकबरपुर का पहला विधायक बनने का गौरव हासिल करने वाले डॉ. गणेश कृष्ण जेतली ने देश को आजाद कराने के संघर्ष में बड़ा योगदान दिया था। एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्हें आजादी से पहले वाराणसी के काशी मारवाड़ी हॉस्पिटल में चिकित्सक के रूप में नौकरी मिली थी। वे वहां परिवार के जीविकोपार्जन के लिए नौकरी करने के साथ ही देश भक्ति की भावना से पूरी तरह ओतप्रोत थे। देश को आजाद कराने का जज्बा उनमें हिलोरें मार रहा था।
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इसी का नतीजा था कि अस्पताल में अछूतों की सेवा करने से मना किया तो उन्होंने डटकर विरोध किया। प्रबंधन की ओर से अछूतों का इलाज न किए जाने के चलते उन्होंने चिकित्सक की नौकरी से त्याग पत्र दे दिया और पूरी तरह आजादी के आंदोलन में कूद गए। इसमें उन्हें जेल यात्रा भी सहनी पड़ी। आजादी के संघर्ष में भाग लेने के दौरान उन्होंने चिकित्सक के तौर पर जगह-जगह अपनी सेवाएं देनी शुरू कीं।
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आंदोलनों का नेतृत्व किया तो वहीं जन जागरूकता अभियान भी चलाया। अकबरपुर से तत्कालीन फैजाबाद जनपद मुख्यालय तक लगभग एक लाख किसानों के पदमार्च का नेतृत्व करने का श्रेय भी डॉ. जेतली को मिला। तमाम संघर्षों व कठिन दौर के बाद देश को आजादी मिली तो उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में डॉ. जेतली को कांग्रेस पार्टी ने अकबरपुर से टिकट दे दिया। वे अकबरपुर से पहले विधायक निर्वाचित होने में सफल रहे। विधायक के तौर पर उन्होंने विधानसभा में कई प्रमुख मुद्दे उठाए। डॉ. जेतली के निधन के बाद उनके पुत्र प्रियदर्शी जेतली कई बार अकबरपुर से विधायक रहे।
देश के प्रति डॉ. गणेश कृष्ण जेतली के योगदान तथा पूर्व विधायक प्रियदर्शी जेतली के प्रयासों के चलते प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग ने अकबरपुर में उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना कराई। डॉ. जेतली द्वारा स्थापित कराए गए इंटर कॉलेज के बाहरी हिस्से में संस्कृति विभाग ने उनकी प्रतिमा लगवाई है। यहां समय-समय पर नागरिक एकत्र होकर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते दिखते हैं।

शिक्षा क्षेत्र में भी जगाई अलख
डॉ. गणेश कृष्ण जेतली ने न सिर्फ बतौर चिकित्सक मानवता की सेवा की, वरन देश की आजादी के आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधायक के तौर पर भी उन्होंने आम जनमानस की सेवा की। इन सबके साथ-साथ उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में भी अलख जगाई। उनकी ओर से कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना में योगदान दिया गया।
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