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Ambedkar Nagar News: नारी सम्मान और मर्यादा की रक्षा सर्वोच्च कर्तव्य
Wed, 17 Dec 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:08 PM IST
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प्रवाचक
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के जैतपुर में तमसा नदी तट स्थित बाबा जगदेव मंदिर परिसर में श्रीराम कथा के आठवें दिन मंगलवार को सीता हरण और रावण-जटायु संवाद का वर्णन किया गया। प्रवाचक साध्वी राधिका किशोरी ने बताया कि नारी सम्मान और मर्यादा की रक्षा सर्वोच्च कर्तव्य है। संकट के समय सत्य और साहस का साथ देने वाले पात्र इतिहास में अमर हो जाते हैं।
वनवास काल में श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ पंचवटी में रह रहे थे। इस दौरान रावण ने सीता हरण की योजना बनाई और मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने का आदेश दिया। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी आया। माता सीता मोहित हो गईं और श्रीराम से उसे पकड़ने का आग्रह किया। श्रीराम और लक्ष्मण मृग के पीछे वन में चले गए। रावण ने छलपूर्वक मां सीता का हरण किया। गिद्धराज जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया। जटायु ने चोंच और पंजों से हमला किया। रावण ने अपनी तलवार चंद्रहास से जटायु के पंख काट दिए। घायल होने के बावजूद जटायु ने प्राण नहीं त्यागे और श्रीराम के लौटने की प्रतीक्षा की। श्रीराम जब पहुंचे, तो जटायु ने उन्हें सीता हरण की पूरी जानकारी दी और उनकी गोद में प्राण त्याग दिए। श्रीराम ने उनका अंतिम संस्कार पुत्र के समान किया। इस दौरान अरविंद सिंह, जय प्रकाश सिंह, गौरव सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
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वनवास काल में श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ पंचवटी में रह रहे थे। इस दौरान रावण ने सीता हरण की योजना बनाई और मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने का आदेश दिया। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी आया। माता सीता मोहित हो गईं और श्रीराम से उसे पकड़ने का आग्रह किया। श्रीराम और लक्ष्मण मृग के पीछे वन में चले गए। रावण ने छलपूर्वक मां सीता का हरण किया। गिद्धराज जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया। जटायु ने चोंच और पंजों से हमला किया। रावण ने अपनी तलवार चंद्रहास से जटायु के पंख काट दिए। घायल होने के बावजूद जटायु ने प्राण नहीं त्यागे और श्रीराम के लौटने की प्रतीक्षा की। श्रीराम जब पहुंचे, तो जटायु ने उन्हें सीता हरण की पूरी जानकारी दी और उनकी गोद में प्राण त्याग दिए। श्रीराम ने उनका अंतिम संस्कार पुत्र के समान किया। इस दौरान अरविंद सिंह, जय प्रकाश सिंह, गौरव सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
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