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Ambedkar Nagar News: अघोषित कटौती से बढ़ी 30 हजार आबादी की मुश्किल
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अंबेडकरनगर। अशरफपुर बरवां विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। 18 घंटे के रोस्टर में उपभोक्ताओं को 10 घंटे की बिजली मिल पाना मुश्किल है। कड़ाके की ठंड में हो रही कटौती से आम उपभोक्ताओं के साथ किसान भी परेशान हैं। खेतों की सिंचाई के साथ अन्य कार्यों में खासी दिक्कत हो रही है। उपभोक्ताओं की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
लगभग 30 हजार की आबादी को इस उपकेंद्र से बिजली मिलती है। विभाग का निर्देश है कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की बिजली दी जाए। उपकेंद्र से इस रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी कुछ निर्धारित नहीं है। रात में तो कम कटौती होती है लेकिन दिन में चार घंटे की बिजली मिल पाना भी मुश्किल हो गया है। इससे किसानों को सिंचाई कार्य में काफी दिक्कत हो रही है। उन्हें कड़ाके की ठंड में रात में जागकर खेतों की सिंचाई करने के लिए विवश होना पड़ा रहा है।
अघोषित कटौती से व्यावसायिक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता भी परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन के समय अक्सर कटौती होती रहती है। इससे दुकान से जुड़े काम नहीं हो पाते। इसमें राइसमिलर के साथ ही वेल्डिंग दुकानदार, कंप्यूटर सेंटर, जनसेवा केंद्र सहित कई तरह की दुकानें हैं जिनका काम बगैर बिजली के नहीं हो पाता है। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। कहा कि कम से कम 18 घंटे की सुचारु बिजली दी जाए। जिससे उनकी मुश्किलें कम हो सकें।
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कराएंगे जांच
रोस्टर के अनुरूप बिजली देने का निर्देश है। गड़बड़ी उत्पन्न होने पर ही कटौती होती है। मामले की जांच करवाई जाएगी। - अनूप कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता
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लगभग 30 हजार की आबादी को इस उपकेंद्र से बिजली मिलती है। विभाग का निर्देश है कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की बिजली दी जाए। उपकेंद्र से इस रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी कुछ निर्धारित नहीं है। रात में तो कम कटौती होती है लेकिन दिन में चार घंटे की बिजली मिल पाना भी मुश्किल हो गया है। इससे किसानों को सिंचाई कार्य में काफी दिक्कत हो रही है। उन्हें कड़ाके की ठंड में रात में जागकर खेतों की सिंचाई करने के लिए विवश होना पड़ा रहा है।
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अघोषित कटौती से व्यावसायिक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता भी परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन के समय अक्सर कटौती होती रहती है। इससे दुकान से जुड़े काम नहीं हो पाते। इसमें राइसमिलर के साथ ही वेल्डिंग दुकानदार, कंप्यूटर सेंटर, जनसेवा केंद्र सहित कई तरह की दुकानें हैं जिनका काम बगैर बिजली के नहीं हो पाता है। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। कहा कि कम से कम 18 घंटे की सुचारु बिजली दी जाए। जिससे उनकी मुश्किलें कम हो सकें।
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कराएंगे जांच
रोस्टर के अनुरूप बिजली देने का निर्देश है। गड़बड़ी उत्पन्न होने पर ही कटौती होती है। मामले की जांच करवाई जाएगी। - अनूप कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता