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वर्चस्व की जंग में गई जेल में बंदी की जान

Mon, 01 Aug 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:51 PM IST
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Prisoner died in the war of supremacy
अंबेडकरनगर। जिला कारागार में वर्चस्व की जंग ने एक बंदी की जान ले ली। दो दिन पहले हुई मारपीट में लूट के अपराध में बंद बेवाना निवासी बंदी रामसागर की तबीयत बिगड़ी थी। सोमवार को उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई। वहीं, जेल प्रशासन ने जेल में किसी तरह की मारपीट होने से इन्कार किया है। कहा कि सीने में दर्द होने पर बंदी का जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल ले जाने पर वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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जिला जेल में दो दिन पहले हुई मारपीट के बाद अब जेल में बंद एक बंदी की मौत की खबर सोमवार को सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन के अनुसार मौत अचानक हुई बीमारी के चलते हुई, लेकिन सूत्र इसे गत दिवस हुई मारपीट से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जेल में वर्चस्व को लेकर बंदियों के बीच तनातनी की स्थिति है।
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बंदियों के कई गुट बने हुए हैं। उनके बीच अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। वर्चस्व की इसी जंग को लेकर ही बीते दिन दो गुट आपस में भिड़ गए। उनके बीच मारपीट होने लगी। स्थिति को संभालने के लिए बंदी रक्षकों द्वारा भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटे जाने की खबर सामने आई थी। इनमें से कुछ बंदियों को चोटें आईं तो कई बंदी ऐसे थे जो भगदड़ में भागने और घबरा जाने से बीमार पड़ गए।
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जेल प्रशासन ने हालांकि समय रहते स्थिति को संभाल लिया था, लेकिन उसी दिन शाम को डीएम और एसपी अपने साथ सीएमओ को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। आमतौर पर डीएम व एसपी खुद ही निरीक्षण करते रहे हैं। रूटीन निरीक्षण प्राय: दिन में होता है, लेकिन निरीक्षण शाम को करने और सीएमओ को साथ लेकर जाने से भी जेल में वर्चस्व की जंग में हुई मारपीट की चर्चाओं को बल मिलता दिखा।
इन परिस्थितियों के बीच सोमवार को खबर आई कि लूट, जानलेवा हमले आदि की धाराओं में बंद बेवाना थाना क्षेत्र के ससपना निवासी रामसागर (50) की मौत हो गई है। सूत्रों के अनुसार उसकी तबीयत दो दिन पहले हुई मारपीट और भगदड़ के बाद बिगड़ी थी। इस बीच बंदी के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से देर शाम कराया गया।
पहुंची थी दो थानों की फोर्स
जिला जेल में विवाद के बाद एहतियातन अकबरपुर कोतवाली के अलावा मालीपुर थाने की पुलिस टीम भी पहुंची थी। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही दोनों थानों के पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए थे।
यह है जेल प्रशासन का दावा
जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने कहा कि जेल में मारपीट या पिटाई की बात निराधार है। बंदी रामसागर की तबीयत सोमवार सुबह साढ़े सात बजे खराब हुई थी। घबराहट व सीने में दर्द की शिकायत पर उसे तत्काल जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद रेफर किए जाने पर एंबुलेंस में जेल गार्ड की अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सक ने बंदी को मृत घोषित कर दिया।

रूटीन था निरीक्षण
एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि हम लोग रूटीन निरीक्षण पर गत दिवस जेल गए थे। सीएमओ को इसलिए ले जाया गया था, जिससे बंदियों के स्वास्थ्य आदि को लेकर बेहतर निगरानी हो सके। जेल में निरीक्षण के दौरान किसी विवाद या मारपीट की जानकारी सामने नहीं आई थी।
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