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नवरात्र की तैयारियों ने पकड़ा जोर
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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर नवरात्र पर्व को लेकर सजीं दुकानें।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। वासंतिक नवरात्र पर्व की तैयारियों ने तेजी पकड़ ली है। आगामी 13 अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व को लेकर मंदिरों व घरों की साफ सफाई का कार्य तेज हो गया है। जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिरों में जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गईं। न सिर्फ सैनिटाइजर की व्यवस्था की जा रही है, बल्कि पर्व को लेकर शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन कराने को लेकर भी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच पर्व को लेकर बाजारें भी सज गई हैं। जगह जगह पर्व से संबंधित सामग्रियों की दुकानें जगह जगह सज गईं।
पर्व के मद्देनजर विशेष पूजन अर्चन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व को लेकर की जा रही तैयारियां कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान में रखकर की जा रही है। अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा स्थित गायत्री मंदिर के पुजारी विद्यासागर पाण्डेय ने बताया कि मुख्य गेट पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की जा रही है। बगैर मास्क के मंदिर में किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
इसके अलावा एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही विशेष पूजन अर्चन के लिए अंदर जाने दिया जाएगा। सोमवार की शाम विशेष पूजन अर्चन के बीच विधिविधान पूर्वक कलश की स्थापना की जाएगी। पण्डाटोला स्थित शिवमंदिर के पुजारी अवधेश दास ने कहा कि पर्व को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी प्रकार टांडा, जलालपुर, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्र में भी पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
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बाजारों में बढ़ी रौनक
जिले की बाजारों में भी चहल पहल बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में पर्व से संबंधित सामग्रियों की दुकानें जगह जगह सज गई हैं। इनकी खरीदारी के लिए लोगों का सुबह से ही संबंधित बाजारों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है। शहजादपुर के पूजा समग्रियों के विक्रेता राजेश ने बताया कि विगत वर्षों की तुलना में पूजा समग्रियों के दाम में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। मिट्टी के कलश के साथ ही पीतल व तांबे के कलश की भी खरीदारी श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है।
यह है कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त
खानूपुर निवासी पंडित अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त मंगलवार सुबह 5 बजकर 45 मिनट से सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक किया जा सकता है। अभिजित मुहुर्त का समय मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजककर 36 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक भी किया जा सकता है।
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पर्व के मद्देनजर विशेष पूजन अर्चन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व को लेकर की जा रही तैयारियां कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान में रखकर की जा रही है। अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा स्थित गायत्री मंदिर के पुजारी विद्यासागर पाण्डेय ने बताया कि मुख्य गेट पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की जा रही है। बगैर मास्क के मंदिर में किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
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इसके अलावा एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही विशेष पूजन अर्चन के लिए अंदर जाने दिया जाएगा। सोमवार की शाम विशेष पूजन अर्चन के बीच विधिविधान पूर्वक कलश की स्थापना की जाएगी। पण्डाटोला स्थित शिवमंदिर के पुजारी अवधेश दास ने कहा कि पर्व को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी प्रकार टांडा, जलालपुर, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्र में भी पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
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बाजारों में बढ़ी रौनक
जिले की बाजारों में भी चहल पहल बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में पर्व से संबंधित सामग्रियों की दुकानें जगह जगह सज गई हैं। इनकी खरीदारी के लिए लोगों का सुबह से ही संबंधित बाजारों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है। शहजादपुर के पूजा समग्रियों के विक्रेता राजेश ने बताया कि विगत वर्षों की तुलना में पूजा समग्रियों के दाम में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। मिट्टी के कलश के साथ ही पीतल व तांबे के कलश की भी खरीदारी श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही है।
यह है कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त
खानूपुर निवासी पंडित अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त मंगलवार सुबह 5 बजकर 45 मिनट से सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक किया जा सकता है। अभिजित मुहुर्त का समय मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजककर 36 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक भी किया जा सकता है।