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Ambedkar Nagar News: 33 हजार वोल्ट की लाइन टूटने से 80 गांवों की बिजली गुल
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अकबरपुर में ट्रांसफार्मर की जांच करती बिजली विभाग की टीम। स्रोत स्थानीय
अंबेडकरनगर। मरैला बिजलीघर को जाने वाली 33 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटने से मंगलवार देर रात करीब दो बजे शहजादपुर कस्बे समेत 80 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। भीषण उमस के बीच करीब एक लाख की आबादी को परेशानी झेलनी पड़ी। रात में शहरी क्षेत्र की आपूर्ति वैकल्पिक व्यवस्था से बहाल कर दी गई, जबकि ग्रामीण इलाकों में रोस्टर के अनुसार बिजली दी गई। बुधवार सुबह टूटे तार की मरम्मत पूरी होने के बाद आपूर्ति सामान्य हो सकी।
जानकारी के अनुसार, कोटवा महमदपुर से मरैला की ओर जाने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन का तार सम्मोपुर के पास टूटकर गिर गया। इससे मरैला उपकेंद्र से जुड़े शहजादपुर कस्बे और आसपास के गांवों में बिजली गुल हो गई। काफी देर तक आपूर्ति बहाल न होने पर उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से संपर्क किया, तब तार टूटने की जानकारी हुई।
रात चार बजे के बाद जाफरगंज बिजलीघर से शहजादपुर के शहरी क्षेत्र की आपूर्ति बहाल कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार बिजली दी जाती रही। बुधवार सुबह तार बदलने का काम पूरा होने के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य कर दी गई। हालांकि दिनभर बिजली की ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान रहे।
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उधर, महरुआ क्षेत्र के आदमपुर तिंदौली में पूर्व प्रधान के खेत में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर बुधवार दोपहर जल गया। इससे करीब 100 घरों और 10 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। विभाग ने देर शाम तक ट्रांसफार्मर ठीक कराने का आश्वासन दिया।
अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि शहरी क्षेत्र की आपूर्ति रात में ही वैकल्पिक व्यवस्था से बहाल करा दी गई थी। सुबह तार की मरम्मत पूरी होने के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करा दी गई।
बारिश नहीं होने से बढ़ी गर्मी, उमस ने किया बेहाल
अंबेडकरनगर। जलालपुर को छोड़कर जिले के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण दिन में लोगों का घर से निकलना मुश्किल रहा, वहीं रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। आसमान में बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोग राहत की फुहार का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश न होने का असर खेती-किसानी पर भी दिखने लगा है। खेतों की ऊपरी सतह की नमी कम होने लगी है। धान समेत अन्य फसलों के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सिंचाई की सुविधा वाले किसान निजी साधनों से फसलों की जरूरत पूरी कर रहे हैं, जबकि बारिश पर निर्भर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि बृहस्पतिवार से मौसम में बदलाव के आसार हैं। बादलों के बीच जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
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जानकारी के अनुसार, कोटवा महमदपुर से मरैला की ओर जाने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन का तार सम्मोपुर के पास टूटकर गिर गया। इससे मरैला उपकेंद्र से जुड़े शहजादपुर कस्बे और आसपास के गांवों में बिजली गुल हो गई। काफी देर तक आपूर्ति बहाल न होने पर उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से संपर्क किया, तब तार टूटने की जानकारी हुई।
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रात चार बजे के बाद जाफरगंज बिजलीघर से शहजादपुर के शहरी क्षेत्र की आपूर्ति बहाल कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार बिजली दी जाती रही। बुधवार सुबह तार बदलने का काम पूरा होने के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य कर दी गई। हालांकि दिनभर बिजली की ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान रहे।
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उधर, महरुआ क्षेत्र के आदमपुर तिंदौली में पूर्व प्रधान के खेत में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर बुधवार दोपहर जल गया। इससे करीब 100 घरों और 10 ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। विभाग ने देर शाम तक ट्रांसफार्मर ठीक कराने का आश्वासन दिया।
अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि शहरी क्षेत्र की आपूर्ति रात में ही वैकल्पिक व्यवस्था से बहाल करा दी गई थी। सुबह तार की मरम्मत पूरी होने के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करा दी गई।
बारिश नहीं होने से बढ़ी गर्मी, उमस ने किया बेहाल
अंबेडकरनगर। जलालपुर को छोड़कर जिले के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण दिन में लोगों का घर से निकलना मुश्किल रहा, वहीं रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। आसमान में बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोग राहत की फुहार का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश न होने का असर खेती-किसानी पर भी दिखने लगा है। खेतों की ऊपरी सतह की नमी कम होने लगी है। धान समेत अन्य फसलों के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सिंचाई की सुविधा वाले किसान निजी साधनों से फसलों की जरूरत पूरी कर रहे हैं, जबकि बारिश पर निर्भर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि बृहस्पतिवार से मौसम में बदलाव के आसार हैं। बादलों के बीच जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।