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पुलिस को गंभीर नहीं लगता एसडीएम को धमकी देना
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अंबेडकरनगर। एसडीएम आलापुर मोहनलाल गुप्त को धमकी देने का मामला आलापुर पुलिस को गंभीर नजर नहीं आता। आलापुर पुलिस ने एसडीएम की तरफ से धमकी की सूचना दिए जाने के दो दिन बाद भी केस दर्ज करने की सुध नहीं ली। आलापुर एसओ के अनुसार धमकी की शिकायत मिली है। शांतिभंग की कार्रवाई कर दी जाएगी। लेकिन इसमें इतनी जल्दबाजी क्या है।
अक्सर तमाम महत्वपूूर्ण मामलों में केस दर्ज करने से कतराने वाली पुलिस के लिए एसडीएम जैसे बड़े अधिकारी को धमकी देने का मामला भी गंभीर नजर नहीं आता। आलापुर एसडीएम मोहनलाल गुप्त ने शनिवार को ही आलापुर थाना प्रभारी को बताया था कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा धमकी दी गई है। एसडीएम ने थानेदार से कहा था कि जरूरी कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद आलापुर पुलिस ने दो दिन में कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का कहना है कि एसडीएम को धमकी देना अत्यंत गंभीर है।
कायदे से इस मामले में एसडीएम को वादी बनाते हुए उनकी तरफ से धमकी देने का केस दर्ज करना चाहिए। यदि एसडीएम तहरीर नहीं भी दे रहे तो कानून व्यवस्था बने रहने की जिम्मेदारी संभालने के चलते थाना प्रभारी को स्वयं अपनी तरफ से आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कराना चाहिए। इसका पालन न कर पुलिस एसडीएम को धमकी देने के आरोपियों पर शांतिभंग की कार्रवाई करने के मूड में है। बताया जाता है कि एसडीएम ने दो आरोपियों पूर्व प्रधान व मौजूदा प्रधान प्रतिनिधि पर शांतिभंग की कार्रवाई कर चालानी रिपोर्ट भेजने को कहा था। आलापुर पुलिस रविवार शाम तक यह कार्रवाई भी नहीं कर सकी थी।
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इस बारे में आलापुर थाना प्रभारी राय साहब द्विवेदी ने कहा कि एसडीएम को विधान परिषद चुनाव के बाद देख लेने की धमकी दी गई है। यह जानकारी एसडीएम ने दी थी। आरोपी एक पार्टी विशेेष से जुड़े हैं। दोनों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की जाएगी।
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अक्सर तमाम महत्वपूूर्ण मामलों में केस दर्ज करने से कतराने वाली पुलिस के लिए एसडीएम जैसे बड़े अधिकारी को धमकी देने का मामला भी गंभीर नजर नहीं आता। आलापुर एसडीएम मोहनलाल गुप्त ने शनिवार को ही आलापुर थाना प्रभारी को बताया था कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा धमकी दी गई है। एसडीएम ने थानेदार से कहा था कि जरूरी कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद आलापुर पुलिस ने दो दिन में कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का कहना है कि एसडीएम को धमकी देना अत्यंत गंभीर है।
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कायदे से इस मामले में एसडीएम को वादी बनाते हुए उनकी तरफ से धमकी देने का केस दर्ज करना चाहिए। यदि एसडीएम तहरीर नहीं भी दे रहे तो कानून व्यवस्था बने रहने की जिम्मेदारी संभालने के चलते थाना प्रभारी को स्वयं अपनी तरफ से आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कराना चाहिए। इसका पालन न कर पुलिस एसडीएम को धमकी देने के आरोपियों पर शांतिभंग की कार्रवाई करने के मूड में है। बताया जाता है कि एसडीएम ने दो आरोपियों पूर्व प्रधान व मौजूदा प्रधान प्रतिनिधि पर शांतिभंग की कार्रवाई कर चालानी रिपोर्ट भेजने को कहा था। आलापुर पुलिस रविवार शाम तक यह कार्रवाई भी नहीं कर सकी थी।
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इस बारे में आलापुर थाना प्रभारी राय साहब द्विवेदी ने कहा कि एसडीएम को विधान परिषद चुनाव के बाद देख लेने की धमकी दी गई है। यह जानकारी एसडीएम ने दी थी। आरोपी एक पार्टी विशेेष से जुड़े हैं। दोनों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की जाएगी।