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इधर हुआ पौधरोपण, उधर जानवर चर गए पौधे

Wed, 06 Jul 2022 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 11:24 PM IST
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Plantation took place here, animals grazing there
अंबेडकरनगर के टांडा में पौधरोपण के बाद सुरक्षा न होने से पौधों को नुकसान पहुंचाते जानवर। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले में मंगलवार को चले वृहद पौधरोपण अभियान में लगभग 27 लाख पौधे रोपे जाने का कागजी लक्ष्य पूरा करने के बीच उनके रखरखाव व सुरक्षा की सुध नहीं रही। उधर अधिकारी व कर्मचारी पौधे लगाकर हटे ही थे कि कई जगहों पर जानवरों द्वारा उन्हें चर लेने या नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ गए। इससे निश्चित रूप से लाखों पौधे लगाने की मंशा को करारा झटका लगा है। नागरिकों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि पौधे भले ही कम लगाए जाएं, लेकिन उनकी सुरक्षा तय करने पर पूरा जोर रहे। इससे ही अभियान की सार्थकता साबित होगी।
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मंगलवार को वन महोत्सव का आयोजन कर 27 लाख 62 हजार 692 पौधे लगाए जाने का रिकॉर्ड बना डाला गया। अभियान की सफलता तय करने के लिए नगर विकास सचिव व नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने यहां कैंप कर रखा था। वन विभाग ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण के लक्ष्य को मंगलवार देर शाम पूरा करने का दावा किया। इस अभियान में तमाम विभागों के अधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रमुखता से भागीदारी की। यह बात अलग है कि पौधे लगाने के साथ ही उनकी सुरक्षा का ख्याल ज्यादातर जगहों पर नहीं रखा गया। इसके चलते ही पौधरोपण के बाद ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिनसे इस अभियान के उद्देश्यों को झटका लगा है।
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वन विभाग ने टांडा तहसील के राजघाट पर वृहद पौधरोपण का आयोजन किया था। यहां बतौर मुख्य अतिथि डीएम सैमुअल पॉल एन कई अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे थे। डीएम ने पौधरोपण के बाद पौधों की सुरक्षा भी तय करने का निर्देश दिया था, क्योंकि पौधरोपण खुले स्थान पर हुआ था। पौधरोपण का अभियान निपट जाने के बाद राजघाट का यह स्थान लावारिस दशा में हो गया। नतीजा यह हुआ कि यहां कई जानवर पहुंच गए। इनमें बकरियां, गाय व भैंस आदि पशु शामिल रहे। इन्होंने कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। टांडा के इस राजघाट के अलावा अकबरपुर, जलालपुर, भीटी, बसखारी व रामनगर आदि क्षेत्रों से भी ऐसी खबरें सामने आईं, जहां पौधरोपण के बाद वहां पशुओं ने पहुंचकर पौधों को नुकसान पहुंचाया।
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नागरिकों ने जताई नाराजगी
टांडा नगर के साहित्यकार अजय प्रताप श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि छज्जापुर के राजघाट पर पौधरोपण कार्यक्रम के चंद घंटों बाद का दृश्य दुर्लभ एवं अभूतपूर्व है। लिखा कि नगर पालिका परिषद द्वारा नियुक्त कर्मचारियों द्वारा पेड़ों की देखभाल तय होनी चाहिए थी। अपनी पोस्ट को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इसे खानापूर्ति व सरकारी धन बर्बादी बताया। सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष पाठक ने लाखों पौधे एक दिन में लगाए जाने के औचित्य पर सवाल खड़ा किया। कहा कि करोड़ों पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाने से अच्छा है कि कुछ हजार पौधे लगाकर उनकी पूरी तरह से सुरक्षा तय की जाए। इससे सरकारी धन की बर्बादी रुकेगी। साथ ही पौधरोपण के नाम पर अधिकारियों व कर्मचारियों की अनावश्यक व्यस्तता से भी छुटकारा मिलेगा।

तय हो रही पौधों की सुरक्षा
पौधे लगाए जाने के साथ ही उनकी सुरक्षा पर जार है। बड़ी तादाद में पौधे विभिन्न परिसरों में लगाए गए हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की गई है। इक्कादुक्का स्थान पर ही इस तरह की स्थिति आई होगी। इसके अलावा बाकी जगहों पर पौधे सुरक्षित हैं। पौधरोपण का कार्य आगे भी जारी रहेगा।
-एके कश्यप, प्रभागीय वनाधिकारी
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