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डेढ़ घंटे तक इलाज को भटकती रहीं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 27 May 2016 11:38 PM IST
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में शुक्रवार को निरीक्षण करते डीएम विवेक।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीएम विवेक को शुक्रवार सुबह कई बड़ी खामियां दिखीं। सुबह साढ़े नौ बजे तक महिला ओपीडी ही नहीं खुली थी जिससे महिला मरीज परेशान थीं। मुख्य गेट के निकट से लेकर वार्ड तक कई जगह गंदगी दिखाई पड़ी। अस्पताल में शुद्ध पेयजल के लिए लगा आरओ सिस्टम खराब पाया गया।
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डीएम ने छत के ऊपर चढ़कर पानी की टंकी का जायजा लिया और सभी टंकियों को नियमित तौर पर साफ कराने के लिए निर्देशित किया। कई मरीजों ने पैरासिटामाल जैसी सामान्य दवा न होने की शिकायत की। दवाओं के रखरखाव में भी लापरवाही मिली। इस पर सीएमएस व अन्य चिकित्सकों को फटकार लगाते हुए अविलंब सुधार के लिए निर्देशित किया गया।
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स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी के गृहजनपद स्थित जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। इसे संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार सुबह डीएम विवेक जिला अस्पताल पहुंचे।
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यहां सबसे बड़ी गड़बड़ी यह कि डेढ़ घंटे बाद तक सुबह साढ़े नौ बजे महिला ओपीडी ही नहीं खुल सकी थी। बड़ी संख्या में महिलाएं बाहर खड़ी चिकित्सक के पहुंचने का इंतजार कर रही थीं। कई महिला मरीजों ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं बल्कि अक्सर यहां यही स्थिति रहती है। महिला चिकित्सक का देर से आना और जल्दी चली जाना आम बात है।
इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें अविलंब सुधार किया जाए। यदि दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आई तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दवाओं के रख-रखाव के निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। कुछ पाउडर तो जम तक गए थे।
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्टोर कर्मचारी को दवाओं के बेहतर रख रखाव के निर्देश दिए गए। वार्ड के निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने शिकायत करते हुए कहा कि जिला अस्पताल में पैरासिटामाल जैसी सामान्य दवा ही नहीं है। चिकित्सक ज्यादातर दवाएं बाहर से लाने के लिए लिखते हैं।
ऐसे में उन्हें विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस पर डीएम ने चिकित्सकों को कड़ी फटकार लगाते हुए इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। कहा कि मरीजों के हित से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों व उनके तीमारदारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए परिसर में लगा आरओ सिस्टम खराब मिला।
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया। अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह बेपटरी मिली। मुख्य गेट से लेकर वार्ड तक जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ था। प्रसाधन कक्ष में फैली गंदगी को देखकर लग रहा था जैसे कई दिनों से इसकी साफ-सफाई ही नहीं की गई।
इस पर सीएमएस डॉ. बीपी सिंह को फटकार लगाते हुए प्रतिदिन समुचित सफाई कराने का निर्देश दिया। पेयजल व्यवस्था का जायजा लेने के लिए छत पर चढ़कर डीएम ने पानी की टंकी का जायजा लिया। वहां पर्याप्त सफाई नहीं मिली। इस पर उन्होंने समय-समय पर टंकी की सफाई कराने का निर्देश दिया।