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Ambedkar Nagar News: बारिश से भीगा धान, किसानों के चेहरे मुरझाए
Thu, 30 Nov 2023 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 30 Nov 2023 11:12 PM IST
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अरियौना के निकट बारिश के बाद खेत में रखी धान की कटी फसल भीग गई। -संवाद
खेतों में कटी पड़ी फसल व क्रय केंद्रों पर खड़ी ट्रॉलियों पर रखा धान भीगा, बारिश से बढ़ी ठंड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह से हुई बारिश ने अचानक ठंड बढ़ा दी। खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल भीग जाने से जहां किसानों की मुश्किल बढ़ गई वहीं कई क्रय केंद्रों पर तौल के इंतजार में खड़ी ट्रॉलियों पर रखा धान भीग गया। किसानों ने ट्रॉलियों के अलावा कई जगह खेतों में भी पन्नी डालकर फसलों को बचाने का प्रयास किया।
मौसम के रुख ने एक बार फिर अचानक करवट लिया। दो दिन पहले लोगों की नींद खुली तो अचानक घना कोहरा देखने को मिला था। सुबह नौ बजे तक वाहनों को सड़कों पर लाइट जलाकर चलने को विवश होना पड़ा। अगले दिन बुधवार सुबह मौसम पूरी तरह साफ रहा तो लोगों को राहत मिली। हालांकि एक दिन बाद बृहस्पतिवार सुबह मौसम का रुख फिर बिगड़ गया। सुबह पांच बजे करीब से रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
इससे एक तरफ जहां ठंड बढ़ गई, तो वहीं धान की फसल को लेकर किसानों में चिंता देखने को मिली। खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल जगह-जगह भीग गई। कुछ जगहों पर किसानों ने कटाई के बाद ढेर लगा दिया था। ऐसे किसानों ने पन्नी लगाकर फसल को बचाने का प्रयास किया लेकिन ज्यादातर किसानों की फसल भीग गई।
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किसानों के अनुसार अभी इससे ज्यादा नुकसान नहीं है लेकिन लगातार बारिश हुई तो असर पड़ेगा। अभी इतनी बारिश होने से सिर्फ मड़ाई का काम आगे खिसक गया है। उधर क्रय केंद्रों पर तौल के इंतजार में खड़ी ट्रॉलियों पर रखा धान कई जगह भीग गया। अकबरपुर मंडी समिति परिसर में लगभग एक दर्जन क्रय केंद्र हैं। यहां लगभग सौ से अधिक ट्रॉलियां धान लेकर खड़ी हैं।
इनमें से कई ट्रॉलियों में रखा धान भीग गया। बारिश के बाद एक एक कर किसानों ने ट्रॉलियों पर पन्नी लगाकर उसे सुरक्षित किया। ऐसा इसलिए क्योंकि धान की तौल होने में दो से तीन दिन लगने की उम्मीद है।
गेहूं बोआई पर पड़ेगा असर
बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने गेहूं की बोआई को भी प्रभावित किया है। बेवाना के किसान गौतम ने बताया कि गेहूं की बोआई के लिए बीते दिनों ही खेत की सिंचाई की थी। अब खेत तैयार हो रहा था। इस बीच इस बारिश ने तीन चार दिन के लिए बोआई टाल दी है। धूप तेज होने पर ही तीन चार दिन में खेत तैयार हो सकेगा। अमेदा के ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि गेहूं बोआई का कार्य पिछड़ गया है। अब बारिश न हो तो ठीक है। उधर जिन किसानों ने गेहूं की बोआई कर दी है उनके लिए बारिश लाभप्रद साबित हुई। हालांकि ऐसे किसानों की संख्या बेहद कम है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह से हुई बारिश ने अचानक ठंड बढ़ा दी। खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल भीग जाने से जहां किसानों की मुश्किल बढ़ गई वहीं कई क्रय केंद्रों पर तौल के इंतजार में खड़ी ट्रॉलियों पर रखा धान भीग गया। किसानों ने ट्रॉलियों के अलावा कई जगह खेतों में भी पन्नी डालकर फसलों को बचाने का प्रयास किया।
मौसम के रुख ने एक बार फिर अचानक करवट लिया। दो दिन पहले लोगों की नींद खुली तो अचानक घना कोहरा देखने को मिला था। सुबह नौ बजे तक वाहनों को सड़कों पर लाइट जलाकर चलने को विवश होना पड़ा। अगले दिन बुधवार सुबह मौसम पूरी तरह साफ रहा तो लोगों को राहत मिली। हालांकि एक दिन बाद बृहस्पतिवार सुबह मौसम का रुख फिर बिगड़ गया। सुबह पांच बजे करीब से रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
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इससे एक तरफ जहां ठंड बढ़ गई, तो वहीं धान की फसल को लेकर किसानों में चिंता देखने को मिली। खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल जगह-जगह भीग गई। कुछ जगहों पर किसानों ने कटाई के बाद ढेर लगा दिया था। ऐसे किसानों ने पन्नी लगाकर फसल को बचाने का प्रयास किया लेकिन ज्यादातर किसानों की फसल भीग गई।
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किसानों के अनुसार अभी इससे ज्यादा नुकसान नहीं है लेकिन लगातार बारिश हुई तो असर पड़ेगा। अभी इतनी बारिश होने से सिर्फ मड़ाई का काम आगे खिसक गया है। उधर क्रय केंद्रों पर तौल के इंतजार में खड़ी ट्रॉलियों पर रखा धान कई जगह भीग गया। अकबरपुर मंडी समिति परिसर में लगभग एक दर्जन क्रय केंद्र हैं। यहां लगभग सौ से अधिक ट्रॉलियां धान लेकर खड़ी हैं।
इनमें से कई ट्रॉलियों में रखा धान भीग गया। बारिश के बाद एक एक कर किसानों ने ट्रॉलियों पर पन्नी लगाकर उसे सुरक्षित किया। ऐसा इसलिए क्योंकि धान की तौल होने में दो से तीन दिन लगने की उम्मीद है।
गेहूं बोआई पर पड़ेगा असर
बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने गेहूं की बोआई को भी प्रभावित किया है। बेवाना के किसान गौतम ने बताया कि गेहूं की बोआई के लिए बीते दिनों ही खेत की सिंचाई की थी। अब खेत तैयार हो रहा था। इस बीच इस बारिश ने तीन चार दिन के लिए बोआई टाल दी है। धूप तेज होने पर ही तीन चार दिन में खेत तैयार हो सकेगा। अमेदा के ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि गेहूं बोआई का कार्य पिछड़ गया है। अब बारिश न हो तो ठीक है। उधर जिन किसानों ने गेहूं की बोआई कर दी है उनके लिए बारिश लाभप्रद साबित हुई। हालांकि ऐसे किसानों की संख्या बेहद कम है।