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Ambedkar Nagar News: मदरसा इस्लामिया वरकतुल उलूम निसवा में यथास्थित बनाए रखने का आदेश
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जहांगीरगंज। क्षेत्र के नेवारी दुराजपुर स्थित मदरसा इस्लामिया वरकतुल उलूम निसवा से जुड़े विवाद में जिला व सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एसडीएम आलापुर के सात जनवरी के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए मामले के अंतिम निर्णय तक स्थिति जस की तस रखने का निर्देश दिया है।
बता दें कि वर्ष 1952 में नगर पंचायत क्षेत्र के नेवारी दुराजपुर मोहल्ले में ग्रामीणों के सहयोग से मदरसे की स्थापना की गई थी। तब से यहां शैक्षिक गतिविधियां संचालित होती रही हैं। बाद में सरकारी भूमि को लेकर हुई जांच में इसे बंजर भूमि की श्रेणी में बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर पंचायत जहांगीरगंज ने कार्रवाई करते हुए मदरसे के भवन को अपने कब्जे में ले लिया था और उस पर बरात घर का बोर्ड लगा दिया गया था।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मदरसे में लंबे समय से बच्चों की पढ़ाई जारी है इसलिए कार्रवाई उचित नहीं है। इसके बाद मैनुद्दीन, अब्दुल सलाम सहित अन्य लोगों ने न्यायालय में वाद दायर किया। मामले में एसडीएम आलापुर ने नगर पंचायत की कार्रवाई को सही ठहराते हुए आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ पक्षकारों ने जिला व सत्र न्यायालय में अपील की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि संपत्ति के उपयोग और स्वामित्व को लेकर अंतिम निर्णय से पहले स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है। इसके बाद जिला व सत्र न्यायाधीश ने एसडीएम के सात जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी और मुकदमे के निस्तारण तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
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बता दें कि वर्ष 1952 में नगर पंचायत क्षेत्र के नेवारी दुराजपुर मोहल्ले में ग्रामीणों के सहयोग से मदरसे की स्थापना की गई थी। तब से यहां शैक्षिक गतिविधियां संचालित होती रही हैं। बाद में सरकारी भूमि को लेकर हुई जांच में इसे बंजर भूमि की श्रेणी में बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर पंचायत जहांगीरगंज ने कार्रवाई करते हुए मदरसे के भवन को अपने कब्जे में ले लिया था और उस पर बरात घर का बोर्ड लगा दिया गया था।
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इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मदरसे में लंबे समय से बच्चों की पढ़ाई जारी है इसलिए कार्रवाई उचित नहीं है। इसके बाद मैनुद्दीन, अब्दुल सलाम सहित अन्य लोगों ने न्यायालय में वाद दायर किया। मामले में एसडीएम आलापुर ने नगर पंचायत की कार्रवाई को सही ठहराते हुए आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ पक्षकारों ने जिला व सत्र न्यायालय में अपील की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि संपत्ति के उपयोग और स्वामित्व को लेकर अंतिम निर्णय से पहले स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है। इसके बाद जिला व सत्र न्यायाधीश ने एसडीएम के सात जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी और मुकदमे के निस्तारण तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
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