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अभी तक हुई महज 45 फीसदी खरीद
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 10:53 PM IST
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6 एजेंसियों के 42 केंद्रों को 71 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था। इन एजेंसियों द्वारा अब तक 4 हजार 39 किसानों का मात्र 30 हजार 187 मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है। धान खरीद को लेकर एजेंसियों से अच्छा प्रदर्शन आढ़तियों ने किया।
कम समय में 52 आढ़तियों ने 3 हजार 466 किसानों का 20 हजार 624 मीट्रिक टन धान की खरीद की। क्रय केंद्रों पर धान की समुचित खरीददारी न होने से धान किसानों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते उन्हें आढ़तियों के हाथों औने पौने दामों पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों को धान की उपज बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए शासन ने बीते 1 नवंबर 2015 से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 42 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य शुरू करा दिया था। उपज अच्छी न होने को देखते हुए जिले को विगत वर्ष के 74 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष इस बार लक्ष्य घटाकर 71 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया।
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शुरुआती दौर में धान खरीद की गति धीमी होने को देखते हुए शासन के निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने 52 आढ़तियों का चयन कर उन्हें धान खरीद करने को कहा गया था। सरकारी एजेंसियों से आगे बढ़ते हुए आढ़तियों ने कम समय मिलने के बावजूद 3 हजार 466 किसानों का 20 हजार 624 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
अब जबकि धान खरीद समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह का समय ही शेष रह गया है, तो ऐसे में सरकारी एजेंसियां लक्ष्य की पूर्ति किस प्रकार की करेंगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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कम समय में 52 आढ़तियों ने 3 हजार 466 किसानों का 20 हजार 624 मीट्रिक टन धान की खरीद की। क्रय केंद्रों पर धान की समुचित खरीददारी न होने से धान किसानों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते उन्हें आढ़तियों के हाथों औने पौने दामों पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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किसानों को धान की उपज बिक्री करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए शासन ने बीते 1 नवंबर 2015 से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 6 एजेंसियों के 42 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य शुरू करा दिया था। उपज अच्छी न होने को देखते हुए जिले को विगत वर्ष के 74 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष इस बार लक्ष्य घटाकर 71 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया।
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शुरुआती दौर में धान खरीद की गति धीमी होने को देखते हुए शासन के निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने 52 आढ़तियों का चयन कर उन्हें धान खरीद करने को कहा गया था। सरकारी एजेंसियों से आगे बढ़ते हुए आढ़तियों ने कम समय मिलने के बावजूद 3 हजार 466 किसानों का 20 हजार 624 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
अब जबकि धान खरीद समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह का समय ही शेष रह गया है, तो ऐसे में सरकारी एजेंसियां लक्ष्य की पूर्ति किस प्रकार की करेंगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।