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Ambedkar Nagar News: अब कहीं से भी करा सकते हैं वाहन की फिटनेस
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अंबेडकरनगर। वाहन फिटनेस समाप्त हो गई है और वाहन स्वामी किसी और जनपद में है तो वह उसी जनपद के एआरटीओ कार्यालय में जाकर अपने वाहन की फिटनेस करवा सकेंगे। परिवहन विभाग ने एनीवेयर फिटनेस व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था के तहत अब किसी भी जिले में वाहन की फिटनेस कराई जा सकती है। जबकि, इससे पहले वाहन को अपने ही जिले के एआरटीओ कार्यालय ले जाकर फिटनेस की जांच करानी पड़ती थी।
जनपद में पांच लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख व्यावसायिक वाहन हैं, इनमें 1200 स्कूली वाहन भी हैं। इनका फिटनेस परीक्षण कराया जाता है। विभाग के अनुसार, यदि वाहन स्वामी गैरजनपद में पहुंचा है। तो फिटनेस जांच के लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उक्त जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा, जहां वाहन मौजूद है, वहीं दूसरा भाग वाहन परीक्षण के लिए होगा।
संबंधित जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस की जांच प्रारूप संख्या 38 के बजाय नए प्रारूप संख्या 38 ए पर करते हुए परीक्षण रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति विभाग के सिस्टम में अपलोड की जाएगी। जबकि दूसरी प्रति को 30 दिन के अंदर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा करना होगा। तीसरी प्रति वाहन स्वामी के पास रहेगी। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा कराने के बाद रसीद कार्यालय में जमा करानी होगी। नई व्यवस्था में वाहन के बजाय उसके स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए जाना पड़ेगा ।
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ऑनलाइन करना होगा आवेदन
आवेदक को वाहन फिटनेस के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले का चयन करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इसके उपरांत अधिकारी एप के माध्यम से निरीक्षण करेंगे। फिर निर्धारित तारीख पर फिटनेस की जांच के लिए बुलाया जाएगा। जांच के बाद प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा।
प्रभावी हो गई है नई व्यवस्था
नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है। फिटनेस परीक्षण के उपरांत दूसरी प्रति जिस जिले का वाहन होगा, वहां के परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके लिए वाहन स्वामी को स्वयं आना पड़ेगा। - सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ
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जनपद में पांच लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख व्यावसायिक वाहन हैं, इनमें 1200 स्कूली वाहन भी हैं। इनका फिटनेस परीक्षण कराया जाता है। विभाग के अनुसार, यदि वाहन स्वामी गैरजनपद में पहुंचा है। तो फिटनेस जांच के लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उक्त जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा, जहां वाहन मौजूद है, वहीं दूसरा भाग वाहन परीक्षण के लिए होगा।
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संबंधित जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस की जांच प्रारूप संख्या 38 के बजाय नए प्रारूप संख्या 38 ए पर करते हुए परीक्षण रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति विभाग के सिस्टम में अपलोड की जाएगी। जबकि दूसरी प्रति को 30 दिन के अंदर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा करना होगा। तीसरी प्रति वाहन स्वामी के पास रहेगी। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा कराने के बाद रसीद कार्यालय में जमा करानी होगी। नई व्यवस्था में वाहन के बजाय उसके स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए जाना पड़ेगा ।
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ऑनलाइन करना होगा आवेदन
आवेदक को वाहन फिटनेस के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले का चयन करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इसके उपरांत अधिकारी एप के माध्यम से निरीक्षण करेंगे। फिर निर्धारित तारीख पर फिटनेस की जांच के लिए बुलाया जाएगा। जांच के बाद प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा।
प्रभावी हो गई है नई व्यवस्था
नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है। फिटनेस परीक्षण के उपरांत दूसरी प्रति जिस जिले का वाहन होगा, वहां के परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके लिए वाहन स्वामी को स्वयं आना पड़ेगा। - सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ